Saif Ali Khan के मामले में फोरेंसिक एक्सपर्ट का खुलासा, चाकू वाले हमले का किया खंडन, अस्पताल पर उठे सवाल

Saif Ali Khan Stabbing Case: 16 जनवरी को बांग्लादेश से इललीगल तरीके से आए एक शख्स ने सैफ अली खान पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया था, लेकिन अब इस विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। जी हां, सैफ अली खान पर हुए हमले को लेकर अब काफी सवाल सामने आ रहे हैं।
फोरेंसिक एक्सपर्ट का खुलासा
फोरेंसिक एक्सपर्ट प्रोफेसर दिनेश राव ने एक न्यूज चैनल को बताया कि लीलावती अस्पताल के बांद्रा पुलिस को सौंपी गई मेडिको-लीगल रिपोर्ट में जिन चोटों का जिक्र किया गया है, वे ऐसी नहीं हैं जो चाकू से लग सकती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. भार्गवी पाटिल की साइन की गई रिपोर्ट में जिन घाव का जिक्र किया गया है, वो सिर्फ किसी कम धार वाले हथियार से ही लग सकते हैं।
स्टाफ नर्स ने कही थी ये बात
किस्मत से, सैफ के पेंटहाउस की स्टाफ नर्स, जिसने कथित हमलावर शरीफुल इस्लाम की मौजूदगी पर सबसे पहले रिएक्शन दिया था, उन्होंने पुलिस को बताया था कि हमलावर ने एक छड़ी जैसी चीज और एक हैक्सा ब्लेड ले रखा था।
चाकू के मिले थे तीन हिस्से
हालांकि, लीलावती अस्पताल के डॉक्टरों ने दावा किया है कि उन्होंने हमले में इस्तेमाल किए गए चाकू का 2.5 इंच का टुकड़ा सैफ की रीढ़ की हड्डी के पास से निकाला है। उन्होंने चाकू के इस टुकड़े की तस्वीरें भी दिखाईं। पुलिस ने अपनी ओर से दावा किया कि उन्होंने चाकू का दूसरा टुकड़ा एक्टर के अपार्टमेंट से और आखिरी टुकड़ा बांद्रा तालाब के पास से बरामद किया है, जहां इस्लाम ने भागते समय इसे फेंक दिया था।
अस्पताल पर भी उठ रहे सवाल
अस्पताल के अधिकारियों ने प्रोफेसर राव के इस सनसनीखेज बयान पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। आपको बता दें, अस्पताल पहले से ही मामले के कई दूसरे पहलुओं को लेकर बड़े विवाद के केंद्र में है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हमला रात 2.30 बजे हुआ जबकि अस्पताल में भर्ती होने का समय सुबह 4.11 बजे बताया गया है। जिससे सवाल उठता है कि इस खतरनाक हमले के बाद एक्टर और उनका परिवार घर में करीब दो घंटे तक क्या कर रहा था।
दोस्त को क्यों बुलाया
अस्पताल ने पहले कहा था कि सैफ को एक शख्स और एक बच्चे के साथ ऑटोरिक्शा में अस्पताल लाया गया था। उस व्यक्ति की पहचान एक्टर के दोस्त अफसर जैदी के रूप में की गई थी। यह सबसे हैरानी वाली बात है कि एक्टर ने दोस्त को अस्पताल ले जाने के लिए बुलाया था, जबकि करीना घर पर ही रहीं।
तैमूर को अस्पताल ले जाने वाला फैसला
इसके अलावा बच्चे तैमूर को उसके खून से लथपथ पिता के साथ अस्पताल ले जाने का फैसला एक और चौंकाने वाला पहलू है। जाहिर है, करीना, जो पहले पार्टी कर रही थीं, अपने पति के साथ अस्पताल जाने की हालत में नहीं थीं। पुलिस, खान और अस्पताल भी जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन इस चुप्पी के बाद सवालों की बौछार बढ़ती ही जा रही है।


Click it and Unblock the Notifications











