जेम्स बांड जैसी नहीं है एजेंट विनोद

हमें विदेशी दर्शकों की जरूरत है ही नहीं, सैफ का मानना है कि दुनियाभर में और खुद भारत में भारतीयों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हमें विदेशी दर्शकों के विषय में सोचने की आवश्यकता नहीं है, हम अपने आप में सक्षम हैं, उन्होंने अपनी मां और विख्यात अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के सुर में सुर मिला कर यह बात कही है।
शर्मिला ने हाल ही में हॉलीवुड के प्रति भारतीय अभिनेताओं के आकर्षण पर सवाल खड़ा किया था, सैफ उनके गृह निर्माण में बन रही दूसरी फिल्म एजेंट विनोद के कुछ दृश्यों की शूटिंग के लिए दिल्ली आये हुए थे। श्रीराम राघवन की इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय जासूसी फिल्म शृंख्ला जेम्स बांड से अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है । सैफ को अगले साल 2012 में फिल्मोद्योग कं काम करते हुए दो दशक हो जायेंगे ।
उन्होंने एजेंट विनोद के विषय में बात करते हुए कहा यह लव आज कल से पूरी तरह अलग है, दिल्ली में बहुत सी ऐसी बातें हैं, जिन्हें हम कैमरे में कैद करना चाहेंगे। इनमें औरंगजैब रोड जैसे बंगले और घरों में बंधी चिकें शामिल हैं, उन्होंने कहा कि लव आज कल एक रोमांस से भरी फिल्म थी, लेकिन वह एजेंट विनोद के लिए केंद्र सरकार की शक्ति के चिन्हों जैसे राष्ट्रपति भवन और ऐसी ही अन्य इमारतों और सड़कों के दृश्य होंगे। इन दिनों ज्यादातर बॉलीवुड निर्माता फिल्म बनाते वक्त यह ध्यान रखते हैं कि उनकी फिल्म पश्चिम के दशकों को भी पसंद आये। इस पर सैफ कहते हैं कि यह अच्छी बात है कि हम अलग-अलग तरह की फिल्में कर रहे हैं।


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