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    सास-बहू को बचाने की आख़िरी कोशिश

    By Staff
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    'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' को बचाने की बालाजी की कोशिश सफल नहीं हो पाईं है और अदालत ने इसे बंद करने के फ़ैसले पर स्टे से इनकार कर दिया है.

    अदालत ने इस मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी है.

    इस सीरियल को बंद करने के लिए स्टार टीवी ने बालाजी टेलीफ़िल्म्स की प्रमुख एकता कपूर को एक महीने का नोटिस दिया था.

    इसके ख़िलाफ़ बालाजी टेलीफ़िल्म्स ने मुंबई हाईकोर्ट में अपील की थी.

    लेकिन हाई कोर्ट ने शुक्रवार शनिवार को स्टे देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर को निर्धारित कर दी.

    अनुबंध में ये बात थी कि अगर सीरियल की टीआरपी गिरती है तो उसे इस आधार पर इसे बंद किया जा सकता है
    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार स्टार के वकील रवि कदम का कहना था कि अनुबंध में ये बात थी कि अगर सीरियल की टीआरपी गिरती है तो उसे इस आधार पर इसे बंद किया जा सकता है.

    लेकिन बालाजी की दलील है कि स्टार प्लस ने इस सीरियल की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए पर्याप्त विज्ञापन नहीं दिए.

    बालाजी का ये भी कहना है कि अनुबंध के अनुसार विवाद होने पर दोनों पक्षों को इसे सुलझाने के लिए मध्यस्थता के लिए एक पैनल के पास जाना चाहिए था.

    स्टार प्लस पर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का प्रसारण पिछले आठ साल से किया जा रहा है.

    स्टार प्लस को प्रमुख चैनल बनाने में इस सीरियल की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है.

    स्टार का तर्क ये है कि जुलाई, 2008 के बाद से इस सीरियल की लोकप्रियता लगातार गिर रही थी.

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