»   » रिव्यू: MSG बनाम ROY, कौन है ज़्यादा 'FUNNY'

रिव्यू: MSG बनाम ROY, कौन है ज़्यादा 'FUNNY'

Posted By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों ने दस्तक दी है और दोनों ही फिल्मों के बारे में काफी बातें हुई हैं। एक है डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम की फिल्म MSG मेसेंजर ऑफ गॉड और दूसरी है अर्जुन रामपाल और रणबीर कपूर स्टारर रॉय। लेकिन दोनों ही फिल्में ऐसी हैं कि देखने के लिए आपको हिम्मत जुटाने पड़ेगी।

या फिर अगर आपने काफी दिनों से कोई अच्छी कॉमेडी फिल्म नहीं देखी है तो इन दोनों फिल्मों को ज़रूर देखिएगा जब ये टॉरेन्ट वगैरह पर उपलब्ध हो जाएंगे। क्योंकि हमें हमारे दर्शकों से बहुत प्यार है और आपको सिनेमा हॉल में भेजने का गुनाह हमसे नहीं हो पाएगा।

पहली बात तो दोनों ही फिल्मों में समझ ही नहीं आता कि बॉस सीन क्या है...मतलब चल क्या रहा है। जिसका जब जहां जो मन कर रहा है वो करने लगता है। मिसाल के तौर पर रॉय में जैकलीन और रणबीर कपूर के इस डायलॉग को ही देख लीजिए -
अर्जुन (कबीर ग्रेवाल): जिसके पास बंदूक होती है जीत भी उसी की होती है।
गुलाबी होंठों वाली एक लड़की: नहीं जिसके पास दिल होता है जीत उसकी।
थोड़ी देर की शांति
गुलाबी होंठों वाली एक लड़की (फिर से): पता है मैं हमेशा से एक बैले डांसर बनना चाहती थी।

सोचने की कोशिश भी मत कीजिएगा कि अचानक से ये डायलॉग कहां से आया! कहानी यहीं खत्म नहीं होती दोनों फिल्मों में ऐसा बहुत कुछ है जो एक दूसरे को बेस्ट कॉमेडी के लिए टक्कर देता है...जानिए वो बातें जिन्हें पढ़कर आप लोट पोट हो जाएंगे!!!

रोबोट रणबीर VS रॉकस्टार भगवान

रोबोट रणबीर VS रॉकस्टार भगवान

दोनों फिल्मों के हीरो में काफी कुछ एक जैसा है। रणबीर रॉय में रोबोट है। जैसे किसी से ज़बर्दस्ती कोई काम करवाया जा रहा हो। वहीं रॉकस्टार बाबा ने भी वही किया है। ज़बर्दस्ती की एक्टिंग!

चोरी Vs बाबागिरी

चोरी Vs बाबागिरी

दोनों फिल्म की कहानी में एक बात है। चोर का काम क्या है चोरी करना। बाबा का काम क्या है...ज्ञान बांटना। लेकिन दोनों ही फिल्म में इसका इंतज़ार करते रहिए। एक में चोरी जो कभी हुई ही नहीं। दूसरी में बाबागिरी...बिना किसी ज्ञान वाली बात के!

 सुपरहीरो Vs सुपरज़ीरो

सुपरहीरो Vs सुपरज़ीरो

बाबा सुपरहीरो हैं। वो कुछ भी कर लेते हैं। प्लेन की तरह हवा में उड़ लेते हैं। फरहान अख्तर की तरह रॉक म्यूज़िक भी गा लेते हैं। वहीं हमारे सुपरज़ीरो रणबीर कपूर जिन्हें फिल्म में रत्ती भर भी इंटरेस्ट नहीं था। बचपन के दोस्त के लिए हर फ्रेम में खड़े हो गए बस!

जवानी Vs कहानी

जवानी Vs कहानी

बाबा अचानक से जवान हो जाते हैं और बिल्कुल फिगर टाइट शॉर्ट्स में अचानक गाना गाते हैं और अजीब सी कारेंचलाते हैं...(purple कलर की..वो भी टैटू और हनी सिंह की ज्वेलरी के साथ। वहीं रॉय डायरेक्टर विक्रमजीत सिंह कहानी लिखने में इतना बिज़ी रह गए कि उसे बनाना ही भूल गए!

पूजा Vs प्यार

पूजा Vs प्यार

MSG में पूजा ही पूजा है। दो चार रॉक गानों के और डांस के साथ। दो चार अजीब से स्टंट्स के साथ। लेकिन पूजा है। वहीं रॉय में चोर की चोरी की कहानी है। पर वो प्यार में पड़ जाता है और प्यार तो आदमी को नकारा बना ही देता है।

दोनों में आध्यात्म और गहराई!!!

दोनों में आध्यात्म और गहराई!!!

दोनों ही फिल्मों में डूब कर आध्यात्म और गहराई। बाबा का आध्यात्म केवल उनके भक्तों को समझ आ पाएगा पर नशा और आध्यात्म में कुछ कनेक्शन था। वहीं रॉय में इतना आध्यात्म है कि कोई डायलॉग अगर समझ आ गया कि इसका मतलब क्या है तो हमसे ईनाम ले लीजिएगा।...ठोंको ताली!

English summary
Two talked about films Roy and MSG Messenger of God have hit the screen and both of them are so Funny you cannot resist. Read our Funny Review.
Please Wait while comments are loading...

रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi