"शाहरूख - काजोल से रोमांस करवाना मेरी सबसे बड़ी गलती थी"
रोहित शेट्टी की दिलवाले का पहला लुक याद है। जहां एक स्कर्ट में काजोल खड़ी हैं और उनके साथ शाहरूख खान मुस्कुरा रहे हैं। बस इस पहले लुक को देख कर ही लोग पागल हो गए थे।
इसके बाद सबको बेसब्री से इंतज़ार होने लगा दिलवाले का। लगा कि फिल्म क्या होगी, कैसी होगी। सबके उत्साह का कारण एक ही था - शाहरूख खान और काजोल की वापसी।

और ऐसा ही उत्साह था फिल्म के डायरेक्टर रोहित शेट्टी का क्योंकि शायद वो खुद भी इस जोड़ी के उतने ही बड़े फैन हैं और इसी के चक्कर में हो गईं उनसे दिलवाले की सबसे बड़ी गलती।
[सलमान से लेकर शाहरूख तक सबको किया था काजोल ने REJECT!]
जी हां, रोहित शेट्टी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कुबूल किया कि दिलवाले पूरी उनकी गलती है जिसकी वजह से फिल्म का ये हाल हुआ। रोहित ने बताया कि फिल्म दरअसल, तीन भाईयों की कहानी थी। लेकिन ये बात काफी पहले लीक हो गई और लोग इसे चलती का नाम गाड़ी से मिलाने लगे।
लेकिन इसके बाद जब लोगों ने शाहरूख और काजोल की वापसी पर रिएक्शन देना शुरू किया तो रोहित शेट्टी का फोकस चला गया। उन्हें लगा कि इस रोमांस को कैश किया जा सकता है। इसलिए फिल्म में काजोल के 5 सीन बढ़कर 40 मिनट की प्रेम कहानी हो गए।
[#SalmanTalk: ये लोग मेरा और शाहरूख का हाल दिलवाले TYPE कर देते!]
और बस यही रोहित शेट्टी की सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने बताया कि फिल्म में काजोल केवल फ्लैशबैक में थीं 4 - 5 सीन के लिए लेकिन उनकी और शाहरूख की केमिस्ट्री को देख, वो ये एंगल बढ़ाने लगे और आखिरी मिनट पर फिल्म की पूरी कहानी ही बदल गई। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
और रोहित शेट्टी के इस कुबूलनामे से दिलवाले की हर उस कमी का कारण मिल गया जो फिल्म में दिखी थी। आप भी देखिए वो कारण जिनकी वजह से दिलवाले हो गई फ्लॉप -
शाहरूख काजोल का रोमांस
जी हां फिल्म में सबसे बड़ी कमी थी शाहरूख काजोल का रोमांस। जो कि Forced था। कहीं भी आपको उनमें शाहरूख काजोल इफेक्ट नहीं दिखा और दोनों रोमांस करने की कोशिश करते दिखे थे जो आज से पहले कभी नहीं हुआ।
शाहरूख वरूण का ब्रोमांस
शाहरूख खान और वरूण धवन भाई बनकर एक दूसरे को बिल्कुल सूट नहीं कर रहे थे। खासकर उनके साथ के सीन ने आपको काफी बोर किया होगा क्योंकि उनकी केमिस्ट्री में कोई भी ब्रोमांस नहीं था।
एक्शन में इमोशन
रोहित शेट्टी की फिल्म की सबसे खास बात होती है ज़बर्दस्त एक्शन। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं था। बल्कि एक्शन में इतना इमोशन और ड्रामा मिला दिया गया कि थोड़ी देर के लिए अब्बास मस्तान याद आ गए थे।
नो कॉमेडी, नो पंच
फिल्म में कोई कॉमेडी नहीं थी। सबको लगा कि फिल्म में टिपिकल रोहित शेट्टी टाइप पंच और वनलाइनर मिलेंगे तो यहां ऐसा कुछ नहीं मिला। ज़बर्दस्ती हंसाने की कोशिश ज़रूर की गई थी। फिल्म में गिनकर 3 अच्छे पंच थे बस!
सपोर्टिंग कास्ट का No use
फिल्म में इतनी धमाकेदार सपोर्टिंग कास्ट थी लेकिन सबका गेस्ट अपीयरेंस था। और ऐसे भी कई बेहतरीन एक्टर थे जिनकी फिल्म में कोई ज़रूरत ही नहीं थी। वो फिल्म में क्यों थे पता नहीं।
नो क्लाईमैक्स
फिल्म के क्लाईमैक्स की काफी चर्चा हुई थी लेकिन फिल्म में कोई क्लाईमैक्स था ही नहीं। अचानक से चलते चलते फिल्म बंद हो जाती है और आखिरी सीन आ जाता है जो इकलौता शाहरूख - काजोल मूमेंट है।
सेम सेट कितनी बार
रोहित शेट्टी की हर फिल्म का सेट एक ही होता है और अब ये बोर कर चुका है। एक फिल्म देखते देखते आपको दूसरी फिल्म के सीन याद आने लगेंगे और फिर आप इस फिल्म में वापस आएंगे और ऐसा कई बार हुआ था।
जवान शाहरूख - काजोल
फिल्म में जवान शाहरूख काजोल कतई अच्छे नहीं लगे थे। शाहरूख का मेकअप काफी इरिटेटिंग था और काजोल 20 साल से 40 साल तक एक ही जैसी लगी थीं।
स्टंट वाले शाहरूख
शाहरूख खान को फिल्म में स्टंट करने का इतना शौक था कि गानों में भी वो पहाड़ चढ़ते नज़र आएंगे। और इस वजह से ना गाना, ना स्टंट दोनों ही फीके लग रहे थे।


Click it and Unblock the Notifications









