जिन्हें मराठी नहीं आती उनके लिए भी हैं मेरी फिल्में- रितेश देशमुख

रितेश देशमुख की मराठी फिल्में चाहे वो बतौर निर्माता हो या बतौर एक्टर, बिना सब टाइटल्स के रिलीज नहीं होती हैं। इससे पहले बालक पालक और येलो फिल्मों में भी सब टाइटल्स यूज किये गये थे और लाय भारी में भी सब टाइटल्स रखे गये हैं। इस बारे में पूछने पर रितेश ने कहा- "मैं कभी भी अपनी मराठी फिल्मों को सब टाइटल्स के रिलीज नहीं करता। क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरी मराठी फिल्में वो लोग भी देखे जो मराठी नहीं जानते। अगर सिनेमाहॉल में एक भी दर्शक ऐसा है जिसे मराठी नहीं आती और वो फिल्म देखना चाहता है तो वो भी फिल्म देख सके, यही मेरी कोशिश रहती है।"
रितेश देशमुख का कहना है कि लाय भारी एक बेहतरीन फिल्म है और इसमें मैंने जिस तरह का किरदार निभाया है वो काफी अलग है। जब रितेश से पूछा गया कि लाय भारी के साथ ही उनकी दो और फिल्में हमशकल्स और एक विलेन रिलीज हो रही हैं तो कितना कंफरटेबल हैं वो इस बात से। इसपर रितेश ने कहा "मैं चाहता तो था कि मेरी हर दो फिल्म के बीच कम से कम एक महीने का अंतर तो हो, लेकिन अब एक साथ ही तीनों फिल्में रिलीज हो रही है। लेकिन इस बात की खुशी है कि तीनों ही फिल्मों का प्रमोशन काफी अलग अलग तरीके से किया गया है। लोगों को तीनों ही फिल्मों में मैं बहुत ही अलग नज़र आउंगा।"


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