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    श्रीदेवी को ना हिंदी आती थी, ना अंग्रेज़ी, मुझे वो घमंडी लगती थी

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    Sridevi: Rishi Kapoor SLAMS Media over calling Sridevi 'BODY' | FilmiBeat

    ऋषि कपूर श्रीदेवी की मौत से काफी सदमे में है। उन्होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल को शोक में काला कर लिया है और अब उन्होंने बॉम्बे टाइम्स को श्रीदेवी के नाम एक यादगार दिया है जिसे बॉम्बे टाइम्स ने जस का तस प्रकाशित किया है। आप भी पढ़िए इस चिट्ठी का अनुवाद।

    ये मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सदमा था। मैं सुबह चार बजे उठा दिया गया, एक फोन कॉल से। कोई मुझसे श्रीदेवी के साथ काम करने की यादें साझा करने की बात कर रहा था। मैं चौंक गया।

    rishi-kapoor-shares-heartfelt-experience-on-working-with-sridevi

    जब मैंने अभिनेता के तौर पर दूसरी पारी शुरू की मैं बहुत ज़्यादा आश्वस्त था कि हम साथ में काम ज़रूर करेंगे। अब ये एक सपना ही है जो मैं कभी पूरा नहीं कर पाऊंगा। मैं अभी भी यकीन नहीं कर पा रहा हूं कि वो नहीं रही।

    श्रीदेवी फिट थी और हमेशा की तरह खूबसूरत दिखती थी। उसे कोई बीमारी नहीं थी, हमेशा अपनी सेहत और खुराक का ध्यान रखती थी, रोज़ जिम जाती थी लेकिन वो अचानक चली गई। और ऐसे समय पर गई जब उसके सात सब कुछ अच्छा हो रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अचानक इतना बुरा कैसे हो गया।

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    आज भी उसके साथ नगीना करने की यादें मेरे ज़ेहन में ताज़ा हैं। इस फिल्म को जया प्रदा करने वाली थीं लेकिन मुझे नहीं पता कि आखिरी समय में क्या हुआ और वो श्रीदेवी से ये रोल कैसे हार गईं। उस वक्त मुझे नहीं पता था कि श्रीदेवी मेरे साथ काम करना चाहती है।

    नगीना मेरी और श्रीदेवी की साथ में पहली फिल्म थी। और इस फिल्म उसके करियर की दिशा पलट कर रख दी। वो सफलता की सीढ़ियां पहले ही चढ़ रही थी लेकिन इस फिल्म ने उसे रातों रात सुपरस्टार बना दिया।

    वो हिचकिचाती थी

    वो हिचकिचाती थी

    सेट पर श्रीदेवी ज़्यादा बात नहीं करती थी। पहले मुझे लगा कि वो घमंडी है जो अपने सह कलाकार से बात नहीं करती। लेकिन बाद में समझ आया कि उसे उस वक्त ना ठीक से हिंदी आती थी, ना अंग्रेज़ी इसलिए वो हिचकिचाती थी।

    मैंने शुरू की बातें

    मैंने शुरू की बातें

    उन दिनों, शॉट के बीच मैगज़ीन बदली जाती थी जिस दौरान, एक्टर्स को कुछ मिनट अपनी पोज़ीशन पकड़ कर खड़े रहना होता था। हम दोनों खड़े थे और अजीब सा लग रहा था। तो मैंने फिर बात करने की कोशिश की। मैंने उसके डांस की तारीफ की। और उसने मुझे झट से बताया कि उसने खेल खेल में चार बार देखी है।

    सुपरस्टार से ऊपर

    सुपरस्टार से ऊपर

    चांदनी तक आते आते वो सुपरस्टार से ऊपर पहुंच चुकी थी। अमिताभ बच्चन और वो, ऐसे दो ही लोगों का ऐसा स्टारडम मैंने आज तक देखा है। जब हम चांदनी में काम कर रहे थे तो वो खुल चुकी थी। हमने फिल्म पर बहुत मेहनत की।

    काम करने में आता था मज़ा

    काम करने में आता था मज़ा

    हर सीन को हमने अपना बनाया। चाहे वो आईस्क्रीम मांगने पर ठेंगा दिखाना हो या कुछ और। हमें पता होता था कि दूसरा क्या कर सकता है। हम एक दूसरे को समझने लगे थे। एक आर्टिस्ट के साथ काम करने का यही तो मज़ा था।

    बहुत टैलेंट था उसमें

    बहुत टैलेंट था उसमें

    श्रीदेवी सीन में वो लेकर आती थी जो कोई नहीं ला पाता था। यही उसकी खूबी थी। यही कारण है कि चांदनी जैसा रोमांस लोगों ने काफी कम देखा। उस तरह प्रेमी जोड़े बर्ताव नहीं करते थे। वो एकदम फ्रेश लगा।

    बाएं हाथ का खेल था डांस

    बाएं हाथ का खेल था डांस

    फिल्म में एक डांस सीक्वंस था जो स्विस्ट्ज़रलैंड में शूट हुआ था। श्रीदेवी की मॉर्निंग शिफ्ट थी। दोपहर तक उसने गाना निपटा दिया। मैं देखता रह गया। इतना मुश्किल गाना, इतनी ठंड में। सरोज जी ने मुझे बताया कि उसके लिए वो बाएं हाथ का खेल है।

    छोड़ दिया था करियर

    छोड़ दिया था करियर

    मैंने आखिरी बार उसके साथ 25 साल पहले काम किया था। उस समय वो सब कुछ छोड़कर एक घर बसाने जा रही थी। परिवार बनाने जा रही थी। मैं उसकी बहुत इज़्जत करता हूं क्योंकि फीमेल एक्टर का एक बॉडी क्लॉक होता है। और उसे इसे निभाना चाहिए।

    फिर से की शानदार वापसी

    फिर से की शानदार वापसी

    उसने अपनी बेटियों खुशी - जान्हवी को बहुत अच्छे से बड़ा किया है। जब वो दोनों बड़ी हो गईं तो उसने इंग्लिश विंग्लिश और मॉम से वापसी की। और वो हमेशा जैसी शानदार थी।

    बहुत याद आएगी

    बहुत याद आएगी

    आज मुझे उसकी बेटियों के लिए काफी बुरा लग रहा है। मैं अपनी चांदनी को बहुत याद करूंगा। फैन्स उसे बहुत याद करेंगे। क्योंकि कोई श्रीदेवी जैसे जीवन और करियर को एक साथ नहीं निभा सकता।

    सिनेमा पर छोड़ी छाप

    सिनेमा पर छोड़ी छाप

    मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं, नेशनल एंथम बन गया था। हर शादी में ज़रूरी था। वहीं मैं नागिन तू सपेरा भी हर जगह बज जाता है। ये सिनेमा पर उसकी छाप है जो हमेशा रहेगी। कहीं नहीं जाएगी।

    English summary
    Rishi Kapoor shares a heartfelt experience on working with Sridevi. The duo have blockbusters like Chandni and Nagina.

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