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    मुझे ये फिल्म नहीं करनी चाहिए थी, अब लोगों को लगेगा कि मेरे पास काम नहीं है!

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    ऋषि कपूर आजकल अपनी आने वाली फिल्म 102 नॉट आउट का प्रमोशन कर रहे हैं और इस दौरान उनका बेबाकी अंदाज़ हर किसी को देखने को मिल रहा है।

    ऋषि कपूर ने नंदिता दास की फिल्म मंटो में एक कैमियो किया है। इस बारे में बात करते हुए ऋषि कपूर ने कहा कि ये बहुत गलत फैसला था। पता नहीं नंदिता ने मुझसे ज़बर्दस्ती की और मैं मान गया।

    ऋषि कपूर का कहना था कि मैं नहीं मानता कि किसी को भी कैमियो करना चाहिए। अब मैंने इस फिल्म में 15 सेकंड का रोल किया है और लोगों को ऐसा लगेगा कि मेरे पास काम नहीं है।

    फिल्मों के हिट फ्लॉप होने पर भी ऋषि कपूर ने खुलकर बात की। उनका मानना है कि कंटेंट अच्छा दो तो फिल्म चलेगी वरना नहीं। रणबीर की बॉम्बे वेलवेट ही देखो, इतना प्रमोट किया गया बुरी तरह फ्लॉप हो गई।

    गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब ऋषि कपूर ने रणबीर की फ्लॉप फिल्मों के बारे में बात की हो। जग्गा जासूस और बॉम्बे वेलवेट रणबीर कपूर की ही नहीं, बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक है।

    अनुराग कश्यप (बॉम्बे वेलवेट) और अनुराग बसु (जग्गा जासूस) पर गुस्सा निकालते हुए ऋषि कपूर ने एक बार कहा था कि इन दोनों को बड़े बजट की फिल्म बनाने देने का मतलब है कि बंदर को खिलौना दे दो तो वो पागल हो जाता है।

    दोनों अनुराग के साथ यही हुआ। इनको छोटे बजट की फिल्में बनाने की आदत है। तो जब बड़ा बजट मिला तो ये संभाल नहीं पाए। एक बासु था जिसने गज्जा जासूस या जग्गा जासूस क्या तो कुछ बनाया। हालांकि पहले उसने भी बर्फी जैसी शानदार फिल्म बनाई थी।

    ये दोनों ही पैसा मिला तो अपनी फिल्म में ऐसा घुस गए कि फिल्म ही नहीं बन पाई। खैर ऐसा होता है। किसी का भी रिकॉर्ड 100 प्रतिशत नहीं होता।

    खैर ऋषि कपूर ने और भी काफी बड़ी बड़ी बातें बोली हैं अपनी किताब में। एक झलक आपकी याद ताज़ा करने के लिए -

    मान लो अवार्ड खरीदा

    मान लो अवार्ड खरीदा

    ऋषि कपूर का कहना था कि मान लो मैंने अवार्ड खरीदा ही था क्योंकि एक आदमी ने मुझसे कहा था कि मुझे अवार्ड दिलवा देगा। बदले में तीस हज़ार लेगा। अब मैंने पैसे दे दिए और बाद में मुझे अवार्ड मिल गया तो मैं आज तक यही मानता हूं कि मैंने अवार्ड खरीदा था।

    राज कपूर के अफेयर

    राज कपूर के अफेयर

    मेरे पिता के अपनी हर हीरोइन के साथ कुछ ना कुछ ताल्लुक रहते थे। इतना ही नहीं नरगिस के साथ तो उनका अफेयर भी था। यहां तक कि मेरे होने तक भी वो मेरी मां से प्यार नहीं करते थे।

     अमिताभ बच्चन का घमंड

    अमिताभ बच्चन का घमंड

    ऋषि कपूर का कहना है कि अमिताभ बच्चन अपने किसी भी को स्टार को फिल्म का क्रेडिट नहीं देते थे। चाहे वो शशि कपूर हों, धर्मेंद्र हो, विनोद मेहरा हों या फिर मैं। उन्हें हर वक्त यही लगता था कि फिल्म में उनके अलावा और कोई ज़रूरी नहीं है।

     शाहरूख मुझे थैंक यू कहे

    शाहरूख मुझे थैंक यू कहे

    ऋषि कपूर कहते हैं कि शाहरूख को डर मेरी वजह से मिली। मैं उस दौरान निगेटिव रोल नहीं करना चाहता था। बाद में यशजी ने मुझे सनी वाला रोल करने को कहा पर मैंने मना कर दिया क्योंकि मुझे पता था कि दूसरा किरदार इस रोल को खा जाएगा।

    दाउद इब्राहिम के साथ चाय

    दाउद इब्राहिम के साथ चाय

    मैं दाउद से मिलने पहुंचा तो बताया गया कि दाऊद ने कहा कि वह शराब न पीते हैं और न ही किसी को पिलाते हैं इसलिए उन्हें चाय पर बुलाया गया है। दाऊद ने कहा कि उन्हें 'तवायफ' काफी पसंद आई क्योंकि उसमें मेरा नाम दाऊद था!

    रणबीर कपूर से रिश्ते

    रणबीर कपूर से रिश्ते

    मेरे और रणबीर के बीच एक कांच की दीवार है। हम एक-दूसरे को देखते हैं। मगर कुछ भी महसूस नहीं करते। इसे सुधारने को लेकर नीतू ने प्रयास किए और मुझे भी इस बात की चिंता थी। मगर जब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    मां का कितना ध्यान

    मां का कितना ध्यान

    मेरे पिता शराब और फिल्म की मुख्य हीरोईनों से बहुत प्यार करते थे। फिल्म जगत की जानीमानी एक्ट्रेस नरगिस और वैजयंती माला से उनका अफेयर भी रहा। एक मौका ऐसा भी आया जब इसके कारण मेरी मां कृष्णा कपूर मुझे लेकर घर छोड़कर भी चली गई थीं।

    नीतू कपूर के साथ ज़िंदगी

    नीतू कपूर के साथ ज़िंदगी

    नीतू जब बीच में मेरी ज़िंदगी से चली गई तो मुझे समझ आया कि वो कितनी ज़रूरी है। मैंने तुरंत उससे शादी कर ली। और आज तक वो मुझे झेल रही है, इस काम के लिए उसे अवार्ड मिलना चाहिए।

    सलीम - जावेद

    सलीम - जावेद

    ऋषि कपूर का मानना है कि सलीम जावेद उस दौर की सबसे ओवररेटेड जोड़ी थी। और आज तक इस जोड़ी ने ऋषि कपूर के लिए जितनी फिल्में लिखीं सब फ्लॉप हो गईं।

    राजेश खन्ना का सपना तोड़ा

    राजेश खन्ना का सपना तोड़ा

    राजेश खन्ना का सपना था कि वो राज कपूर के साथ काम करें। सत्यम शिवम सुंदरम के लिए उन्हें फाइनल भी कर लिया गया था लेकिन ऋषि कपूर ने राज कपूर का दिमाग बदल दिया। और राजेश खन्ना का सपना सपना ही रह गया था।

    गुलज़ार के साथ ख्वाहिश

    गुलज़ार के साथ ख्वाहिश

    ऋषि कपूर को मलाल है कि एक इंसान जिनके साथ वो अभी भी दिल से काम करना चाहते हैं वो हैं गुलज़ार। और बड़ी अजीब सी बात है कि आज तक गुलज़ार ने मेरे लिए एक लाइन तक नहीं लिखी है।

    टीना मुनीम के साथ अफेयर

    टीना मुनीम के साथ अफेयर

    टीना मुनीम के साथ मेरी जोड़ी बड़ी अच्छी थी। मैंने उसके साथ जो भी फिल्में की वो काफी चलीं। उस दौरान वो संजय दत्त के साथ रिश्ते में थी और संजय दत्त को लगता था कि मेरे और टीना के बीच कुछ है। इस वजह से चीज़ें काफी अजीब हो गई थीं।

    कभी फीस नहीं ली

    कभी फीस नहीं ली

    उनसे एक बार पूछा गया था कि वो अपने पापा से फीस कैसे लेते हैं या फिर क्या राज कपूर उन्हें फीस देते हैं। इसी का जवाब देते हुए ऋषि कपूर ने लिखा कि मैंने आज तक राज साहब से कोई फीस नहीं ली। ना ही उन्होंने मुझे कभी कोई फीस दी। ये तो घर की बात होती थी। और वैसे भी उनके साथ काम कर लेना ही सबसे बड़ी फीस होती थी।

    English summary
    Rishi Kapoor opens up on not doing cameo for friends or anyone else. He believes, doing small roles sends across a message to the audience that you are out of work.
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