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    ऋषि कपूर के 10 खुलासे से बॉलीवुड में भूचाल- मैंने 30 हजार देकर अवॅार्ड खरीदा, डॉन दाऊद से मुलाकात

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    हिंदी सिनेमा में अपने बड़े योगदान के साथ ऋषि कपूर ने दुनिया से अलविदा ले लिया है। 67 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। बुधवार रात को ये खबर आयी थी कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। गुरुवार को अमिताभ बच्चन ने ट्वीट करके ये कहा कि ऋषि अब दुनिया से जा चुके हैं। उनका निधन हो गया है।

    बॅालीवुड के कई दिग्गज कलाकारों ने ट्वीट कर ऋषि कपूर को श्रद्धांजलि अर्पित की है। हालांकि ऋषि कपूर हिंदी सिनेमा में शुरुआती समय में अपने रोमांस को लेकर चर्चा में रहे और बाद के वक्त अपने बयान को लेकर बायोग्राफी 'खुल्लम खुल्ला : ऋषि कपूर अनसेंसर्ड' में ऋषि की लाइफ के कई रोचक खुलासे किए गए हैं।

    मीना अय्यर द्वारा लिखी गई इस किताब में ऋषि ने अपनी लव लाइफ के बारे में भी बताया था। अवॅार्ड खरीदने, अमिताभ बच्चन का घमंड और संजय दत्त के साथ फाइट के साथ उन्होंने पिता राज कपूर के रोमांस के भी सारे राज खोल दिए।अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से मुलाकात का किस्सा भी शामिल है। हिंदी सिनेमा के लिए ये किसी भूचाल से कम नहीं रहा।

    मैंने 30 हजार देकर फिल्मफेयर अवॅार्ड अपने नाम किया

    मैंने 30 हजार देकर फिल्मफेयर अवॅार्ड अपने नाम किया

    ऋषि कपूर का कहना था कि मैंने 30 हजार देकर फिल्मफेयर अवॅार्ड अपने नाम किया था। ये बात 1973 की है। उन्होंने किताब में बताया है कि मान लो मैंने अवार्ड खरीदा ही था क्योंकि एक आदमी ने मुझसे कहा था कि मुझे अवार्ड दिलवा देगा। बदले में तीस हज़ार लेगा। अब मैंने पैसे दे दिए और बाद में मुझे अवार्ड मिल गया तो मैं आज तक यही मानता हूं कि मैंने अवार्ड खरीदा था। अमिताभ को टक्कर देने के लिए ऋषि कपूर ने ऐसा किया था।

    मेरे पिता प्यार में भी थे, दुर्भाग्य से मेरी मां के अलावा।

    मेरे पिता प्यार में भी थे, दुर्भाग्य से मेरी मां के अलावा।

    मेरे पिता के अपनी हर हीरोइन के साथ कुछ ना कुछ ताल्लुक रहते थे। इतना ही नहीं नरगिस के साथ तो उनका अफेयर भी था। यहां तक कि मेरे होने तक भी वो मेरी मां से प्यार नहीं करते थे। मेरे पिता 28 साल के थे। पहले हिंदी सिनेमा के शो मैन का खिताब पा चुके थे। उस वक्त वो प्यार में भी थे, दुर्भाग्य से मेरी मां के अलावा।

    जब पापा वैजयंतीमाला के साथ इंवॅाल्व थे..

    जब पापा वैजयंतीमाला के साथ इंवॅाल्व थे..

    मेरे पिता की गर्लफ्रेंड उनकी कुछ हिट्स आग, बरसात और आवारा में उनकी हीरोइन भी थीं। नरगिस को इन हाउस हीरोइन कहते थे। आर के स्टूडियो के चिह्न में भी वो शामिल थीं। मुझे याद है जब पापा वैजयंतीमाला के साथ शामिल थे तो मैं मम्मी के साथ मैरीन ड्राइव के नटराज होटल में शिफ्ट हो गया था। फिर हम चित्रकूट अपार्टमेंट में चले गए जो पापा ने माॅम और हमारे लिए खरीदा था।

    अमिताभ के घमंड का किया खुलासा

    अमिताभ के घमंड का किया खुलासा

    ऋषि कपूर ने किताब में ये भी खुलासा किया है कि अमिताभ बच्चन अपने किसी भी को स्टार को फिल्म का क्रेडिट नहीं देते थे। फिर चाहे वो शशि कपूर हों, धर्मेंद्र हो, विनोद मेहरा हों या फिर मैं। अमिताभ को हर वक्त यही लगता था कि फिल्म में उनके अलावा और कोई जरूरी नहीं है।

    मेरी वजह से शाहरुख को मिली डर फिल्म

    मेरी वजह से शाहरुख को मिली डर फिल्म

    शाहरूख खान को डर मेरी वजह से मिली। मैं उस दौरान निगेटिव रोल नहीं करना चाहता था। इसके बाद यश जी मेरे पास आए उन्होंने मुझे सनी देओल वाला सीन करने को कहा। मैंने कर दिया क्योंकि मुझे पता था कि दूसरा किरदार इस रोल को पूरी तरह खा जाएगा।

    डॅान दाऊद से हुई मुलाकात का किस्सा

    डॅान दाऊद से हुई मुलाकात का किस्सा

    मैं दाऊद से मिलने पहुंचा तो बताया गया कि दाऊद ने कहा कि वह शराब न पीते हैं। ये साल 1988 की बात है।ये 1993 ब्लास्ट के पहले की घटना है। जब मेरी उनसे मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि वह शराब नहीं पीते हैं ना हींकिसी को पिलाते हैं इसलिए उन्हें चाय पर बुलाया गया है। दाऊद ने मुझसे मेरी फिल्मों पर बात की और कहा कि उन्हें 'तवायफ' काफी पसंद आई क्योंकि उसमें मेरा नाम दाऊद था!

    ऋषि कूपर को मारने आए थे संजय दत्त

    ऋषि कूपर को मारने आए थे संजय दत्त

    टीना मुनीम के साथ मेरी जोड़ी बड़ी अच्छी थी। मैंने उसके साथ जो भी फिल्में की वो काफी चलीं। उस दौरान वो संजय दत्त के साथ रिश्ते में थी और संजय दत्त को लगता था कि मेरे और टीना के बीच कुछ है। इस वजह से चीज़ें काफी अजीब हो गई थीं। संजय दत्त मुझे मारने के लिए मेरे अपॅाटमेंट चले आए थे। नीतू सिंह के समझाने के बाद वह वापस लौट गए थे।

    अमिताभ और नीतू के कारण कभी-कभी फिल्म मैंने ठुकरा दी थी

    अमिताभ और नीतू के कारण कभी-कभी फिल्म मैंने ठुकरा दी थी

    कभी-कभी फिल्म मैंने ठुकरा दी थी। क्योंकि फिल्म में नीतू का रोल दमदार था। दूसरी वजह ये थी कि अमिताभ बच्चन को चुनौती देना था। बता दें कि ये फिल्म हिट साबित हुई। ऋषि कपूर ने की भी।

    मैं कभी डिंपल से प्यार नहीं करता था

    मैं कभी डिंपल से प्यार नहीं करता था

    मैं यास्मीन के साथ रिलेशनशिप में था, तब यास्मीन ने मुझे एक रिंग गिफ्ट की थी। बॅाबी के दौरान डिंपल ने वो रिंग मुझसे लेकर पहन ली। राजेश खन्ना वे डिंपल को प्रपोज किया तो उनसे उस रिंग को फेंकने के लिए कहा। डिंपल ने ऐसा किया तब ही राजेश और उनके बीच कमिटमेंट की शुरुआत हुई। लेकिन सच्चाई ये है किमैं कभी डिंपल से प्यार नहीं करता था।

    नीतू मुझे झेल रही हैृ-ऋषि कपूर

    नीतू मुझे झेल रही हैृ-ऋषि कपूर

    इसी किताब में ऋषि ने बताया था कि नीतू सिंह से पहले वह एक पारसी लड़की यास्मीन मेहता को प्यार करते थे। नीतू से मुलाकात के दौरान वह यास्मीन को डेट कर रहे थे। नीतू जब बीच में मेरी ज़िंदगी से चली गई तो मुझे समझ आया कि वो कितनी ज़रूरी है। मैंने उनसे फिर शादी कर ली। आज तक वो मुझे झेल रही है।इसके लिए नीतू को अवार्ड मिलना चाहिए।

    English summary
    Rishi Kapoor dead read his shocking confessions Khullam Khulla: Rishi Kapoor Uncensored,meeting with Don Dawood Ibrahim and everything
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