रामगोपाल वर्मा '' फूंक-दो'' बनाएंगे

फूंक के पहले भाग के क्लाइमैक्स में अच्छाई (सुदीप और तांत्रिक जाकिर हुसैन) और बुराई (अश्वीनी कलशीकर, जो संदीप की बेटी पर काला जादू करती है) के बीच संघर्ष को दिखाया गया है। इसमें तांत्रिक अश्वीनी का खात्मा करता है।
''फूंक- दो'' की कहानी की शुरूआत में अश्वीनी कलशीकर का भूत तांत्रिक (जाकिर हुसैन) को मार कर सुदीप की पत्नी (अमृता खानवीकर) के शरीर में घुस जाता है।
रामगोपाल वर्मा कहते है कि ''फूंक- दो'' में अश्वीनी की आत्मा बदला लेती है , और जाहिर सी बात है कि सुदीप अपनी पत्नी को कभी नुकसान नहीं पहुचाएंगा और यहीं से ''फूंक-दो'' की कहानी शुरू होती है।


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