आर..राजकुमार से लौटी शाहिद के चेहरे की मुस्कान
वह कहते हैं कि इस फिल्म की सफलता उनके लिए बड़ी राहत लाई है। शाहिद की अंतिम सफल फिल्म 'कमीने' (2009) थी। उसके बाद उनकी 'चांस पे डांस', 'मौसम', 'तेरी मेरी कहानी' और 'फटा पोस्टर निकला हीरो' जैसी अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाईं।
फिल्म में 'साइलेंट हो जा, नहीं तो मैं वाइलेंट हो जाऊंगा' सरीखे संवाद बोलने वाले इस अभिनेता ने कहा, "आर..राजकुमार' की सफलता ने मुझे बहुत राहत दी है। मैं दर्शकों की प्रतिक्रिया से बेहद उत्साहित हूं। इस पल बेहद खुश हूं।" यही नहीं, उनके पिता पंकज कपूर भी बेटे की फिल्म की कामयाबी से बेहद खुश हैं।
मालूम हो कि प्रभु देवा के निर्देशन में बनी फिल्म 'आर..राजकुमार' जब प्रदर्शित होने वाली थी तो लोगों ने फिल्म के लीड पेयर सोनाक्षी सिन्हा और शाहिद कपूर को मिसमैच करार दिया था। कुछ फिल्मी पंडितों ने तो यहां तक कह दिया था कि फिल्म साउथ फिल्म की रीमेक है इसलिए बिल्कुल नहीं चलेगी और शाहिद का करियर अब खात्मे पर आ गया है।
लेकिन फिल्म की सफलता ने सबकी बोलती बंद कर दी है, लोगों को फिल्म में शाहिद-सोनाक्षी काफी पसंद आ रहे हैं और फिल्म अब भी सिनेमाघरों में अच्छा बिजनेस कर रही है। इससे पहले फिल्म की कामयाबी पर सोनाक्षी सिन्हा ने भी अपने चाहने वालों और दर्शकों का शुक्रिया अदा किया था।


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