For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
BBC Hindi

हमउम्र हीरो की मां बनने पर हंसी आती थी - रीमा लागू

By Bbc Hindi
|

निरूपा राय के बाद अगर बॉलीवुड फिल्मों में मां की भूमिका में किसी ने अपनी पहचान बनाई है वो नाम है रीमा लागू का. कुछ वक़्त पहले बीबीसी संवाददाता अनुभा रोहतगी से ख़ास बातचीत में रीमा लागू ने अपने फिल्मी सफ़र के बारे बहुत-सी बातें साझा की थीं.

सवाल- फ़िल्म ' मैंने प्यार किया ' से आपने मां के प्रचलित चरित्र को पूरी तरह बदल दिया, कैसे आया था ये आइडिया.

रीमा- मैं इसका श्रेय सूरज बड़जात्या को दूंगी. मैंने उनसे कह दिया था कि मैं पुरानी मांओं की तरह नहीं बनूंगी, मैंने सूरज को कहा कि मैं जैसी हूं बिल्कुल वैसी ही रहूंगी. बाल सफेद नहीं करूंगी वैसे भी आपका हीरो भी तो छोटा ही है. उन्होंने मेरी बात मान ली और कहा आप जैसी हैं वैसी ही रहना.

सवाल- आप फिल्मों में संजय दत्त, सलमान ख़ान, आमिर ख़ान से लेकर लगभग हर बड़े सितारे की मां की भूमिका निभा चुकीं हैं . निजी ज़िंदगी में इन सितारों से आपके रिश्ते कैसे हैं

रीमा- यहां पर सभी बहुत प्रोफ़ेशनल होते हैं. उनका अलग सर्कल होता है मेरा अलग है. बस सेट पर ही मुलाक़ात होती है. शूटिंग के बाद हम मिलते भी नहीं हैं.

सवाल- अपने हमउम्र हीरो की मां बनने पर कैसा लगता था .

रीमा- मुझे बड़ी हंसी आती थी. ऋषि कपूर मुझसे सिर्फ़ एक साल बड़े थे. वो कहते थे कि 'रीमा तुम मेरी मां का रोल कर रही हो, अजीब तो नहीं लगता. मैंने कहा मैं नहीं करूंगी तो कोई और करेगा. सनी देओल तो बेहद शर्मीले थे. एक बार मुझे धर्मेन्द्र जी मिले तो मैंने उनसे कहा कि शुक्र है मुझे आपकी मां को रोल नहीं करना पड़ा. वो बोले ऐसा नहीं हो सकता, तो मैंने कहा नहीं मुझे ऑफर आया था मैंने मना कर दिया. तो ऐसा भी होता है इंडस्ट्री में. लेकिन किसीको इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता.

सवाल- जिस उम्र में आजकल फिल्मों में हीरोइने दोबारा वापसी कर रही हैं उस उम्र में तो आपने मां के रोल शुरू कर दिए थे, कैसा लगता है ये देखकर?

रीमा- जिस वक़्त में आई थी तब भाग्यश्री जैसी हीरोइनें आ रही थीं और रेखा जैसी जा रही थीं तो मैं बीच में फंस गई. दुर्भाग्य से मुझे मां का रोल ही चुनना पड़ा. हालांकि मैंने मराठी फ़िल्मों में मुख्य भूमिकाएं की हैं, लेकिन मुझे हिंदी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं ना करने का दुख इसलिए नहीं है क्योंकि मुझे पता था कि मैं देर से आई हूं. मैंने थियेटर ज़्यादा किया है.

सवाल- आपको फिल्मों और थियेटर में क्या अंतर लगा?

रीमा- फिल्मों में कलाकार को लाड़ कर-करके बिगाड़ देते हैं, थियेटर में ऐसा नहीं होता, वहां बहुत अनुशासन होता है.

सवाल- आज के हीरो में आप किनकी मां बनना चाहेंगी.

रीमा- ये तो उनको तय करना है, वो बोल सकते हैं रीमा जी नहीं कोई नई यंग मां लाओ.

सवाल - क्या आप निर्देशन के क्षेत्र में जाएंगी?

रीमा- सोचा तो है, लेकिन मैं अपनी ज़िंदगी में कुछ योजना नहीं नहीं बनाती, एकदम से कुछ आ गया तो मैं कर सकती हूं. मैंने नाटक औऱ सीरियल निर्देशन किया है, फिल्म भी करना चाहूंगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

BBC Hindi
English summary
An old interview of Reema Lagoo when she shared experience of playing mother's role.
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X