नायक से पहले निर्देशक बनने की ख्वाहिश थी
कपूर खानदान की चौथी पीढी के रूप में करिश्मा तथा करीना पहले ही बॉलीवुड में दाखिल हो चुकी हैं। अब बारी हैं रणबीर की जो अपनी पहली फिल्म “सांवरिया" के साथ भारत के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार हैं.
फिल्म रिलीज़ से पहले ही दर्शकों ने रणबीर से काफी उम्मीदें लगा रखी हैं. हीरो बनें रणबीर अगले दो साल में निर्देशक बनने का मन बना चुके हैं. आरके बैनर को दुबारा स्थापित करने के ख्याल से रणबीर ने कई योजनाएं भी बना रखी हैं. उनका कहना है “मेरे दिमाग में कई कहानियां हैं मगर अभी किस पर फिल्म बनाना है यह निर्णय लेना मेरे लिए काफी मुश्किल है.“
आश्चर्य की बात यह है कि रणबीर के कहानियों की खबर उनके माता पिता को भी नहीं है. दादा राज कपूर के बाद रणबीर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपने चाचा राजीव कपूर को काफी मानते हैं. इसलिए नहीं कि वे राजीव को काफी पसंद करते हैं बल्कि इसलिए कि उनके द्वारा बनाई गई फिल्म “प्रेम ग्रंथ" को वह समय से बहुत आगे की फिल्म मानते हैं.
पापा ऋषी कपूर द्वारा 1999 में बनी फिल्म “आ अब लौट चले" के बाद रणबीर के फिल्म बनाने का आइडिया पूरी कपूर फैमिली के लिए काफी दिलचस्प हो सकती है मगर इससे रणबीर के अभिनय करियर पर असर पड़ सकता है. बेहतरीन फिल्मों के निर्माता राज कपूर के बाद दर्शक चाहेंगे कि आर. के बैनर को दुबारा जीवनदान मिले मगर साथ ही दर्शक यह भी चाहते हैं कि इससे रणबीर के करियर में कोई अड़चन न आए.
आखिर नए कलाकारों और स्टार पुत्रों के झुंड में रणबीर मे वह सब बातें हैं जो एक कलाकार में होना चाहिए.


Click it and Unblock the Notifications