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    आउटसाइडर्स को रणवीर सिंह की सलाह, अपने किरदारों को लेकर कही ये बात

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    बॉलीवुड सुपरस्टार और यूथ आयकॉन रणवीर सिंह एक कल्चरल फिनॉमिना हैं- वह एक एक्टर हैं, फैशन के क्षेत्र की प्रामाणिक हस्ती हैं, इंडियन हिप हॉप का चेहरा हैं और एक आर्टिस्ट इंटरप्रेन्योर भी हैं- वह वास्तव में लीक से हट कर चलने वाले शख्स हैं और भारतीय मनोरंजन जगत के खिलाड़ी गेम-चेंजर हैं। बॉलीवुड के लिए पूरी तरह से ऑउटसाइडर और इंटरटेनमेंट बिजनेस के सेल्फ-मेड दिग्गज रणवीर ने एक दशक के दौरान इस पूरे दौर को परिभाषित करने वाले अपने अद्भुत प्रदर्शनों के दम पर भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनका कहना है कि जिंदगी में उन्होंने हर चीज इस यकीन की बदौलत पाई है कि कुछ भी असंभव नहीं होता।

    उनकी निर्भीकता और उग्रता वाला ब्रांड देश के उन युवाओं के मन में गूंजता रहता है, जो अपने समूह से ऊपर उठना चाहते हैं, जो अपनी श्रेष्ठता व काबिलियत के दम पर अदृश्य बाधाओं को पार करके तरक्की करने का सपना देखते हैं। उनके उस अनूठे, मौलिक और पूरी तरह से अपरंपरागत सार्वजनिक व्यक्तित्व ने स्टीरियोटाइप छवियों को ध्वस्त कर दिया है, जो न सिर्फ सांस्कृतिक बंधनों को नजरअंदाज करता है बल्कि आज की पॉप संस्कृति को भी गढ़ता है।

    एक सच्चे यूथ आयकॉन के रूप में इस विशाल राष्ट्र ने रणवीर पर स्पॉटलाइट केंद्रित कर रखी है। उन्होंने कलाकारों का एक सामूहिक मंच 'इंकइंक' तैयार करके म्यूजिक इंडस्ट्री में भी सामने से मोर्चा संभालना तय किया है- यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो देश के कोने-कोने में बसे प्रतिभाशाली संगीतकारों को वैश्विक फलक पर चमकने में मदद करता है। हमने रणवीर सिंह से इस बारे में बातचीत की है कि उन्होंने असंभव को संभव बनाने के लिए अपना भरोसा किस तरह कायम रखा!

    आउटसाइडर को रणवीर सिंह की सलाह

    आउटसाइडर को रणवीर सिंह की सलाह

    रणवीर बताते हैं कि "जब युवा एक्टर; खासकर ‘ऑउटसाइडर' मेरे पास सलाह मांगने आते हैं कि स्ट्रगल करते हुए आगे कैसे बढ़ा जाए, तो सबसे पहली और सबसे अहम बात मैं उनसे यही कहता हूं कि "अपना करियर उचित कारणों के लिए आगे बढ़ाइए। सिर्फ इस वजह से स्ट्रगल कीजिए कि परफॉर्म करना ही आपकी जिंदगी है।"

    मैं उनसे आग्रह करता हूं कि परफॉर्मिंग आर्ट्स या इंटरटेनमेंट बिजनेस के प्रलोभन में महज इसलिए न पड़ें कि इस फील्ड में शोहरत और पैसे के साथ कामयाबी मिलती है। ये सब क्षणिक हैं, अस्थायी हैं, दिखावा हैं- केवल फंसाने वाली चीजें हैं। इसीलिए मैं उनसे कहता हूं कि वे अपने हुनर व कला के प्रति ईमानदारी बरतें और परफॉर्म करने का आनंद उठाने के लिए, परफॉर्मिंग से प्यार होने के कारण इस फील्ड में आएं।

    इस सफर में मैंने एक और चीज सीखी है कि खरापन व प्रामाणिकता सबको समझ में आती है और इसकी वजह से लोग आपके साथ सबसे ज्यादा जुड़ते हैं। अगर आप खुद को कुछ ऐसा दिखाने की कोशिश करते हैं, जो अंदर से आप नहीं हैं तो आप अपना नुकसान कर रहे हैं। अगर आप अपनी आत्मा के प्रति सच्चे हैं, अगर आप जज किए जाने का भय अपने दिमाग से निकाल चुके हैं, तभी आपकी शख्सियत सबसे ज्यादा उभर कर सामने आएगी। मैं उनसे कहता हूं कि ‘आप आप बने रहें'। मौलिक रहें, अपना अनोखापन बरकरार रखें। और दूसरी अहम चीज मैंने यह सीखी है कि जोखिम उठाते रहिए। जितना बड़ा जोखिम उतना बड़ा फल! इस प्रक्रिया में आपसे गलतियां और गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जिंदगी में असफलता जैसी कोई चीज नहीं होती, सिर्फ सबक होते हैं।"

    कठिन से कठिन समय में भी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया

    कठिन से कठिन समय में भी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया

    रणवीर कहते हैं "मेरे संघर्ष वाले वर्षों के दौरान ऐसे कई क्षण आए, ऐसी कई घटनाएं पेश आईं, जब मुझे लगा कि कोई उम्मीद ही नहीं बची है। मोटे तौर पर इस विशिष्ट और आसानी से प्रवेश न देने वाली इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के भीतर अपने कदम रखना असंभव नजर आ रहा था। लेकिन मैं डटा रहा- आप कह सकते हैं कि मैं इंडस्ट्री में दिलोजान से दाखिल भी होना चाहता था और बेवकूफ भी था, और इस सबसे बड़ी बात यह थी कि मुझे अपनी काबिलियत, संभावनाओं और क्षमताओं पर पूरा भरोसा था। उस वक्त भी, जब मेरे पास कुछ नहीं था, मेरी गतिविधियों की पहचान इसी जोश, लगन, जिम्मेदारी, सावधानी और चुस्ती भरे कामों से हुआ करती थी।

    मुझे अच्छी तरह से पता था कि यहां चुटकियों में कुछ हासिल होने वाला नहीं है। लेकिन मुझे यकीन था कि एक दिन यह होकर रहेगा। जब लंबे समय तक काम से संबंधित कोई अच्छी खबर नहीं मिलती थी, महीनों तक फोन नहीं बजा करता था, तो मेरा भरोसा डगमगाने लगता था। लेकिन मैं इस विचार को ही खारिज कर चुका था कि मैं जिसे हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं वह कोई असंभव चीज है। मैंने कठिन से कठिन समय में भी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। मैंने कायनात को लगभग मजबूर कर दिया था कि वह इसे मेरे लिए संभव बनाए! मेरा दृढ़ निश्चय व एकाग्रता आखिरकार रंग लाई और मेरा सपना मेरी हकीकत बन गया! तब से हर रोज मुझे यही अहसास होता है कि जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं।"

    रियल लाइफ जर्नी से कितनी प्रेरणा या मदद लेते हैं?

    रियल लाइफ जर्नी से कितनी प्रेरणा या मदद लेते हैं?

    रणवीर बताते हैं "हर मुख्तलिफ किरदार निभाने के लिए आपको अपने अनुभवों का खजाना खंगालना पड़ता है, ताकि चरित्र-चित्रण विश्वसनीय, आंतरिक और ईमानदार लगे। अपने अंडरडॉग किरदारों के साथ मैं गहरी सहानुभूति रखता हूं, क्योंकि मैं भी अपनी लाइफ में ऐसे ही हालात से दो-चार होता रहा हूं। ‘गली ब्वॉय' फिल्म का एक डायलॉग है, जिसका मोटे तौर पर यह मतलब है: "अपनी हकीकत से बावस्ता करने के लिए मैं अपने सपने नहीं बदल सकता, बल्कि अपने सपनों से बावस्ता करने के लिए मैं अपनी हकीकत को ही बदल डालूंगा।" मैंने इस भावना को अपनी आत्मा की गहराइयों में महसूस किया है।

    किरदारों को लेकर अभिनेता का क्या कहना है

    किरदारों को लेकर अभिनेता का क्या कहना है

    जब इन किरदारों को तमाम विषम परिस्थितियों के खिलाफ खुद को साबित करना पड़ता है, तो उस संघर्ष के साथ मैं बड़े ही जाने-पहचाने ढंग से जुड़ जाता हूं। गली ब्वॉय में मुराद असंभव को संभव बना देता है। फिल्म 83 में कपिल के गुस्ताख नामुमकिन को मुमकिन बना डालते हैं। मैं इन भूमिकाओं को इसलिए विश्वसनीय बना पाता हूं कि मैंने खुद ऐसे हालात का सामना किया है। मैं इन किरदारों के मोहभंग और मायूसी को महसूस कर सकता हूं, उनका गुस्सा, असंतोष और आक्रोश समझ सकता हूं, उनकी कुंठा और हताशा का अनुभव कर सकता हूं, उनके साहस और धैर्य की थाह ले सकता हूं... और मैं यह सब बड़ी गंभीरता व गहराई के साथ कर पाता हूं, क्योंकि मैं खुद इन मारक भावनाओं से गुजर चुका हूं। मैंने यह सब खुद असली रूप में झेला है।"

    English summary
    Ranveer Singh has advice to outsiders
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