खुद को साबित करेंगे रणदीप हुड्डा
अपराध की दुनिया का सच खंगालती फिल्म 'डी' और 'रिस्क' में अपनी जीवंत भूमिकाओं के जरिए खूब वाहवाही बटोरने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए अब भी बेकरार हैं।
अपनी आगामी फिल्म 'मेरे ख्वाबों में जो आए' के प्रचार के सिलसिले में राजधानी पहुंचे रणदीप ने कहा, "मैं मानता हूं कि 'डी' और 'रिस्क' ने मुझे लोकप्रियता दी लेकिन मैं रोज-रोज 'दाल-चावल' जैसी फिल्में नहीं करना चाहता। मेरा मतलब यह है कि मैं भूमिकाओं में विविधता चाहता हूं लेकिन इस लिहाज से मुझे अभी तक सतह नहीं मिल सकी है। मुझे एक्शन हीरो समझा जाता है लेकिन मैं खुद को ऐसा नहीं मानता।"
उन्होंने कहा, "मेरी कोशिश रही है कि मैं विविध चरित्र वाली फिल्में करूं। यही कारण है कि मैंने 'रू-ब-रू' और 'रंग-रसिया' जैसी रूमानी और 'मेरे ख्वाबों में जो आए' जैसी बहुआयामी चरित्र वाली फिल्मों में काम किया। मैं किसी खास छवि में बंधना नहीं चाहता लेकिन फिल्मकार हैं कि मुझे इससे निकलने नहीं देना चाहते। मैं इससे निकलने के लिए छटपटा रहा हूं क्योंकि मुझे एक सतह चाहिए, जहां से मैं खुद को सही मायने में कलाकार मान सकूं।"
भूमिकाओं में विविधता के लिहाज से रणदीप के पाले में 'मेरे ख्वाबों में जो आए' जैसी बहुआयामी चरित्र वाली फिल्म आई है, जिसमें उन्हें 18 किरदारों को जिया है। रणदीप का दावा है कि बॉलीवुड में अभी तक किसी अभिनेता ने एक फिल्म में इतने चरित्र नहीं निभाए हैं। इस फिल्म में रणदीप ने अमिताभ बच्चन, धर्मेद्र, जेम्स बांड, जोरो, हंफरे बोगार्ट, एल्विस प्रिंसले, एक पुलिस अधिकारी, संगीत गुरु और एक मॉडल की भूमिका अदा की है। फिल्म 6 फरवरी को प्रदर्शित होने वाली है।


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