रणदीप हुड्डा ने सारागढ़ी दिवस पर हविलदार ईशर सिंह और 21 सिख सैनिकों की बेमिसाल बहादुरी को किया नमन

Randeep Hooda - सारागढ़ी दिवस के अवसर पर अभिनेता और फिल्ममेकर रणदीप हुड्डा ने 4 सिख रेजिमेंट के 21 बहादुर सैनिकों और उनके नेता हविलदार ईशर सिंह की असाधारण वीरता और बलिदान को दिल से श्रद्धांजलि दी।
रणदीप, जिन्होंने कभी सारागढ़ी की लड़ाई को बड़े पर्दे पर लाने और हविलदार ईशर सिंह का किरदार निभाने का सपना देखा था, ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। हालाँकि कुछ कारणों से यह फिल्म पूरी नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने बताया कि यह कहानी उनके दिल के बेहद करीब रही है।
अपने भावुक संदेश में रणदीप ने लिखा, "एक सपना जो मैं दुनिया के साथ साझा नहीं कर पाया!! #BattleOfSaragarhi, जिसे 21 सिख सैनिकों ने हविलदार ईशर सिंह के नेतृत्व में सितम्बर 1897 में लड़ा था, साहस और बलिदान की एक ऐतिहासिक गाथा है। 6,000 फीट ऊँचाई पर स्थित सारागढ़ी पोस्ट की रक्षा करते हुए, इन सैनिकों ने हज़ारों पठान हमलावरों का सामना किया और सभी को इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया।
यूनेस्को ने इसे इतिहास की आठ सबसे वीरतापूर्ण लड़ाइयों में शामिल किया है। उनकी बहादुरी 'लास्ट मैन, लास्ट राउंड' की भावना का प्रतीक है। 12 सितम्बर 1897 को ये 22 जांबाज़ अपने अंतिम क्षण तक डटे रहे। उनकी कहानी आज भी हमें प्रेरित और उत्साहित करती है। शहीद हुए इन नायकों को हमारी गहरी श्रद्धांजलि और 4 सिख रेजिमेंट को उनकी 128वीं सारागढ़ी दिवस की हार्दिक बधाई। वाहेगुरु जी उन्हें आशीर्वाद दें और उनकी शक्ति लगातार बढ़ती रहे।"
अपने इस संदेश के माध्यम से रणदीप हुड्डा ने एक बार फिर भारत के इतिहास और हमारे नायकों के प्रति अपना गहरा सम्मान जताया। उनका यह कदम याद दिलाता है कि सारागढ़ी की गाथा केवल अतीत का हिस्सा नहीं, बल्कि साहस, एकता और सम्मान की एक जीवंत मिसाल है।


Click it and Unblock the Notifications











