मुझे अपने बेटे पर गर्व है: ऋषि कपूर
बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर कहते हैं कि सिनेमा उनके खानदान का पारम्परिक पेशा है। वह अपने बेटे रणबीर कपूर के फिल्मों में आने और बिना उनकी मदद लिए फिल्मों में अपना मुकाम तय करने के लिए उनकी प्रशंसा करते हैं।
ऋषि ने आईएएनएस को बताया, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है कि वह कपूर खानदान की परम्परा बखूबी निभा रहा है। मैं हमेशा उसका उत्साह बढ़ाता हूं और चाहता हूं कि वह इससे भी अच्छा काम करे।"

ऋषि चाहते हैं कि रणबीर एक सफल अभिनेता बनें। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि रणबीर इस बात को अच्छी तरह समझ ले कि फिल्मों में काम करना मजाक नहीं है। यह हमारा पारिवारिक व्यवसाय है। मैं खुश हूं कि वह अपने करियर और काम को लेकर गंभीर है।"
हालांकि रणबीर की एक अभिनेता के रूप में फिल्म 'सांवरिया' से शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, लेकिन उसके बाद उन्होंने 'वेकअप सिड', 'राजनीति', 'रॉकस्टार' और 'बर्फी' जैसी फिल्मों से साबित कर दिया कि उनमें भी एक बेहतर अभिनेता के गुण हैं।
ऋषि ने कहा, "वह एक ऐसे अभिनेता हैं, जिसने अपने लिए जोखिम भरा रास्ता चुना। उसने ऐसी फिल्मों में काम किया, जो नायकों के सहज स्वभाव में नहीं है। मैं इस बात के लिए उसकी तारीफ करता हूं। फिल्मों में काम करने का फैसला पूरी तरह से उसका है, सारे रचनात्मक फैसले वह खुद लेता है, मेरा उसमें कोई हाथ नहीं होता। लोगों को लगता है कि मैं उसके लिए फिल्में तय करता हूं, पर ऐसा नहीं है। मैं उसका पिता हूं, उसका प्रबंधक नहीं हूं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या रणबीर पहले से ही अभिनेता बनने को लेकर आश्वस्त थे, ऋषि ने कहा, "उसे अपने परिवार की दशकों पुरानी परम्परा के बारे में पता तो था ही, तो स्वभाविक तौर पर उसका इस तरफ झुकाव था। वह इस बात से भी प्रभावित रहा होगा। वह फिल्म स्कूल में दाखिला लेना चाहता था, तो वह गया और अभिनय की शिक्षा ली। भगवान की कृपा है कि वह अपनी मंजिल पाने में कामयाब रहा, उसने खुद अपना नाम बनाया।"


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