'रामायण' के लक्ष्मण ने पिता की आखिरी इच्छा की पूरी, मौत के बाद शरीर को किया दान

रामानंद सागर की 'रामायण' में जितने भी कलाकार नजर आए सभी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। बता दें कि इसमें श्री रामचंद्र का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी भी बहुत ही सुर्खियों में आए। आज हम आपको उन्हीं के जीवन का एक किस्सा सुनाने वाले हैं।
आखिर क्यों सुनील लहरी ने पिता के पार्थिव शरीर को किया था डोनेट
कहा जाता है कि सुनील लहरी एक बहुत ही नेक दिल के इंसान हैं। सुनील लहरी के जीवन में 'रामायण' में काम करने के बाद काफी परिवर्तन आए और उन्होंने इसका पालन भी किया। सुनील लहरी ने इस बात का खुद एक बार खुलासा करते हुए बताया था कि उनके पिता की मौत के बाद उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को डोनेट कर दिया था। इसीलिए आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं और इसकी वजह को भी बताएंगे...
सुनील लहरी के पिता ने मौत के बाद शरीर को दान करने की जताई इच्छा
सुनील लहरी ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा था कि उनके पिता डॉ शेखर चंद्र लहरी पेशे से एक डॉक्टर हुआ करते थे। उन्होंने अपनी मौत होने से पहले इस बात की पुष्टि की थी कि उनकी मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल में डोनेट कर दिया जाए। सुनील लहरी के पिता की इच्छा थी कि उनका शरीर मेडिकल स्टूडेंट्स के सामने रख दिया जाए जिससे कि वह प्रैक्टिकली अपनी पढ़ाई को समझ पाएं। सुनील लहरी के पिता ने अपनी मौत के 10 साल पहले ही इस इच्छा को जता दिया था।
एक्टर ने पिता के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज में किया डोनेट
सुनील लहरी ने यह भी बताया था कि उनके पिता अस्पताल में प्रोफेसर हुआ करते थे और इसीलिए स्टूडेंट्स को स्टडी के समय पर जो भी दिक्कत आती थी, इन सभी चीजों को अच्छे से समझाते थे। जिस वजह से उन्होंने ये फैसला कर लिया था। बता दें कि सुनील लहरी ने पिता की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को भोपाल के जेके मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक डिपार्टमेंट को डोनेट कर दिया था। एक्टर ने इस बात का भी खुलासा किया कि उनके पिता स्वभाव से काफी ज्यादा नर्म हुआ करते थे। यहां तक कि वह लोगों के बारे में सोचते थे और काफी सोशल एक्टिविटीज भी करते थे।


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