रामायण के विभीषण ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर दे दी थी जान, बेहद दर्दनाक है इनकी रीयल लाइफ कहानी

एक वक्त था जब सीरियल रामायण और उसके कलाकार लोगों के जहन में बसा करते थे. रामानंद सागर की रामायण आज भी लोगों को उतनी ही पसंद आती है जितने कि पहले आया करती थी. रामायण के कलाकारों के किस्से आज भी लोगों के जुबान पर रखे हुए हैं. राम- लक्ष्मण, रावण-विभीषण कुछ ऐसे किरदार है जो लोगों के दिलों पर आज भी राज करते हैं. लेकिन आखिर ऐसी क्या वजह थी कि मुकेश को आत्महत्या करनी पड़ी थी. आज हम बात करेंगे रामायण के सबसे अहम किरदार विभीषण यानी कि मुकेश रावल के बारे में.
कैसे रामायण के विभीषण बने थे मुकेश रावल
रामानंद सागर की मशहूर रामायण में विभीषण का किरदार मुकेश रावल ने निभाया था. मुकेश रावल के द्वारा निभाए गए विभीषण के किरदार की वजह से उन्हें घर-घर में एक अलग पहचान मिली थी. आज भी मुकेश लोगों के जहन में जिंदा है.
कई भाषाओं की फिल्मों में कर चुके थे काम
मुंबई में जन्मे मुकेश ने हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि गुजराती इंडस्ट्री में भी काफी काम किया था. ज़िद, ये मझधार, लहू के दो रंग, सत्ता, औजार और कसक जैसी हिंदी फिल्मों में काम किया था. अगर हिंदी सीरियल की बात करें तो उन्होंने हसरतें, बींद बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा जैसे सीरियलों में काम किया था. आखरी बार उन्होंने 2016 में प्रसारित हुए गुजराती सीरियल 'नस नस में खुन्नस' में काम किया था.
रामानंद सागर ने रखा था हीरा
मुकेश रावल को विभीषण का किरदार उस समय मिला जब वह थिएटर में काम करते थे. बताया जाता है कि एक प्ले के दौरान रामानंद सागर की जब मुकेश पर नजर पड़ी तो उन्होंने उनका ऑडिशन ले लिया. जिसके बाद मुकेश ने मेघनाथ और विभीषण दोनों किरदारों के लिए ऑडिशन दिया था. बाद में उन्होंने विभीषण का रोल प्ले किया था.
रेलवे ट्रैक पर मिला था शव
मुकेश रावल के द्वारा आत्महत्या के कदम ने सबको हैरान कर दिया था. मुकेश रावल ने मुंबई के कांदिवली स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या की थी. बताया जाता है कि बेटे की मौत के बाद मुकेश डिप्रेशन में थे और वही बेटी की शादी के बाद वह अकेले पड़ गए,जिसके बाद उन्होंने डिप्रेशन के चलते यह कदम उठाया था.


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