रामानंद सागर के बेटे ने 'आदिपुरुष' में रावण के किरदार पर जताई आपत्ति, ओम राउत पर भी साधा निशाना

'आदिपुरुष' फ़िल्म को 16 जून 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है। लेकिन कुछ लोगों को तो ये फिल्म ठीक-ठाक पसंद आई, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इस फिल्म का विरोध किया। लेकिन अब जैसे ही इस फिल्म को रिलीज किया गया है, वैसे ही इसका विरोध और भी ज्यादा बढ़ चुका है। लोगों का कहना है कि महाकाव्य 'रामायण' के किरदारों और घटनाओं को इस फिल्म में गलत तरीके से दर्शाया गया है। लेकिन लोगों के विरोध के बीच में ही रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने भी इस पर आपत्ति जताई।
प्रेम सागर ने 'आदिपुरुष' फ़िल्म को बताया मार्वल
जानकारी के लिए आपको बता दें कि एक न्यूज़ पोर्टल के साथ प्रेम सागर ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने अभी तक इस फिल्म को नहीं देखा है। लेकिन उन्होंने फिल्म का टीजर देखा और उसमें हनुमान जी का किरदार निभा रहे देवदत्त नागे एक डायलॉग बोलते हैं कि 'तेल तेरे बाप का, जलेगी तेरे बाप की...।' इस तरीके के आपत्तिजनक शब्दों को देख कर प्रेम सागर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ओम राउत ने 'आदिपुरुष' फ़िल्म को बतौर मार्वल दिखाने की कोशिश की हुई है।
50 सालों तक भी नहीं बन सकती रामानंद सागर जैसी रामायण
दरअसल आपको बता दें कि प्रेम सागर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो को शेयर किया है। इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने काफी लंबा चौड़ा नोट भी लिखा। वह लिखते हैं कि "अगर 50 साल भी बीत जाएं तो भी रामानंद सागर जैसी रामायण बनाई नहीं जा सकती। मेरे पिता का जन्म पूरी तरीके से रामायण बनाने के लिए ही हुआ। उन्हें रामायण को फिर से लिखने और बनाने के लिए इस धरती पर अवतरित किया गया। जैसे कि वाल्मीकि जी ने इसे छंदों में लिखा और वही तुलसीदास जी ने इसे अवध भाषा में लिखा। उसी प्रकार मेरे पिताजी ने इसे इलेक्ट्रॉनिक युग में लिखा। रामानंद सागर की रामायण एक ऐसा महाकाव्य माना गया जिसे दुनिया ने अनुभव भी किया और इसने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई।"
रामानंद सागर ने अपनी रामायण में कभी नहीं की पक्षिय के साथ छेड़छाड़
प्रेम सागर के अनुसार उनके पिताजी रामानंद सागर ने रामायण बनाई और उसमें क्रिएटिव फ्रीडम का भी उपयोग किया गया था। लेकिन उनका कहना है कि भगवान राम को रामानंद सागर ने पूरी तरीके से समझा। उन्होंने कई सारे ग्रंथ पढ़े और उसके बाद कुछ बदलाव भी किए। रामानंद सागर ने कभी भी रामायण के तथ्यों के साथ में छेड़छाड़ नहीं की है। प्रेम सागर ने रावण का किरदार निभा रहे सैफ अली खान पर भी काले रंग को लेकर निशाना साधा। प्रेम सागर कहते हैं कि रावण बहुत ज्यादा विद्वान और ज्ञानी व्यक्ति था। इसीलिए उसे एक खलनायक के तौर पर दर्शाना गलत है।
रावण को खलनायक दिखाना गलत
वहीं अगर हम ग्रंथों के मुताबिक बात करें तो आपको बता दें कि रावण ने जो कुछ भी किया वह सिर्फ अपनी मोक्ष प्राप्ति के लिए किया। क्योंकि वह हमेशा से जानता था कि भगवान राम के हाथों ही उसको मोक्ष प्राप्त हो सकता है। बताया जाता है कि जब रावण मरने वाला था, तो उस समय भगवान राम ने लक्ष्मण को रावण के चरणों में भेजा, जिससे कि वह उससे कुछ सीख पाएं। इंटरव्यू के दौरान प्रेम सागर ने यह भी कहा कि 'आदिपुरुष' फिल्म में क्रिएटिव फ्रीडम की आड़ में रावण को खलनायक के तौर पर दर्शा दिया गया है।
'आदिपुरुष' में सारे फैक्ट्स को कर दिया गया परिवर्तित
प्रेम सागर ने इसी इंटरव्यू के आगे यह भी बताया कि "अगर आपने आज के युग के हिसाब से रामायण को तैयार किया है तो इसे ब्रीच कैंडी और कोलाबा में दिखाना चाहिए। इसे दुनिया भर में ना दिखाओ और लोगों की भावनाओं के साथ मत खेलो।" उन्होंने आगे कहा कि "कृति वासी और एकनाथ ने भी रामायण को लिखा था, लेकिन फिर भी उन्होंने सिर्फ रंग और भाषा को परिवर्तित किया था। लेकिन 'आदिपुरुष' फिल्म में सारे फैक्ट्स को ही परिवर्तित कर दिया है।"


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