'रामलीला' के विरुद्ध अमिताभ ठाकुर की सेंसर बोर्ड में याचिका
ठाकुर की याचिका का कहना है कि भंसाली की 'रामलीला' हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करती है। यह फिल्म भगवान राम के नाम पर परिहास करती है।
संजय लीला भंसाली की फिल्म रामलीला कापवित्र धार्मिक कार्यक्रम से कोई भी वास्ता नहीं है। यह फिल्म अपने आप को गोलियों की रामलीला कहती है। इसके आधिकारिक ट्रेलर में कई गंदे संवाद और अंतरंग दृश्य हैं जिनका इस शब्द से कोई संबंध नहीं है और जो हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने कहा है कि इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की गयी थी पर अदालत ने कहा कि चूंकि अभी तक सेंसर बोर्ड ने इस पर निर्णय नहीं किया है। इसलिए इस पर सुनवाई अभी जल्दबाजी होगी। इसलिए अमिताभ और नूतन ने सेंसर बोर्ड से तत्काल इस फिल्म का नाम बदले जाने या ऐसा नहीं करने पर इसके प्रोमो को रोकने और फिल्म को अनुमति देने से मना करने का निवेदन किया है।
मालूम हो कि सेंसर बोर्ड की ओऱ से फिल्म को यू/ए सार्टिफिकेट दे दिया गया है। फिल्म का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म के गानों ने जबरदस्त धमाल मचा दिया है। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की जोड़ी से सजी इस फिल्म के गानों ने लोगों के दिलों में जगह बना ली है। लोगों को भंसाली की इस फिल्म से एक बिग धमाके की उम्मीद है।


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