जज को हल्के में ना लें...कोर्ट ने लगाई राजपाल यादव की फटकार, और समय देने से किया साफ इनकार
Rajpal Yadav Cheque Bounce case: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव लंबे समय से विवादों में फंसे हुए हैं। 5 फरवरी को उन्होंने चेक बाउंस केस में खुद को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। जिसके बाद वह 17 फरवरी को जमानत पर जेल से बाहर आए थे। 18 मार्च को उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन 2 अप्रैल को एक्टर को चेक बाउंस केस मामले में बकाया राशि चुकानी थी जिसके लिए एक्टर ने कोर्ट से थोड़ा और समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इस राशि को चुकाने के लिए एक्टर को बकाया समय देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने उनकी दलीलों और बार-बार राशि चुकाने में देरी को लेकर एक्टर की जमकर आलोचना की।

ना का मतलब ना होता है...
जस्टिस स्वराना कांता शर्मा ने राजपाल यादव को 6 करोड़ रुपये सेटलमेंट राशि चुकाने की 30 मार्च की अर्जी ठुकरा दी। उन्होंने साफ कहा कि 'ना का मतलब ना होता है, मैं इसी फैसले को सुरक्षित रख रही हूं। मैं और समय नहीं दूंगी। इतना ही नहीं एक ही चीज को लेकर बार-बार बहस करने पर कोर्ट ने कहा कि- अगर जज आपके साथ अच्छा व्यवहार कर रहा है तो इसका मतलब ये नहीं है कि जज कमजोर है।'
जज ने लगाई राजपाल यादव की फटकार
जज ने आगे कहा कि 'आप कह रहे हैं कि आप भुगतान करने को तैयार हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि चूंकी आप जेल जा चुके हैं इसलिए आप भुगतान नहीं करेंगे। अगर तैयार हैं भुगतान करने के लिए तो ये मामला ही क्यों है फिर भुगतान करिए ना।'
साल 2024 में ठहराया गया था दोषी
आपको बता दें कि एक्टर को मई साल 2024 में चेक बाउंस केस में दोषी ठहराया गया था। एक्टर ने आश्वासन दिया था कि वह इस मामले को जल्द सुलझा लेंगे जिसके बाद ही दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को मिडिएशन सेंटर को भेजा। फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने नॉन कंप्लाएंस के लिए राजपाल यादव को सरेंडर करने का आदेश दिया था। उनकी बार-बार समय मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था जिसके बाद ही एक्टर ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था।


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