राजीव कपूर को पद्मिनी कोल्हापुरी, टीना मुनीम और राम तेरी गंगा मैली को स्टार्स ने दी श्रद्धांजलि
राज कपूर के सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर का 58 साल की उम्र में निधन हो गया है और बॉलीवुड इस खबर से काफी श्रुब्ध है। स्टार्स उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और दोस्त कपूर परिवार के साथ सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं। राजीव ने अपने करियर के शुरूआती दिनों में राज कपूर को असिस्ट किया है। इन फिल्मों में से एक थी प्रेम रोग।
प्रेम रोग एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से एक एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान राजीव कपूर को राज कपूर की छवि बताया। पद्मिनी कोल्हापुरी की मानें तो राजीव कपूर एक बेहतरीन फिल्ममेकर बन सकते थे। वो बहुत ही जल्दी चले गए।

पद्मिनी कोल्हापुरी ने राजीव के साथ की फिल्मों को याद करते हुए बताया कि मैंने उनके साथ दो फिल्में कीं। पहली प्रीति और दूसरी आग का दरिया। प्रीति रिलीज़ हो गई थी लेकिन आग का दरिया डिब्बाबंद हो गई।

बेहतरीन कलाकार थे राजीव
राजीव के साथ काम करने का अनुभव साझा करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरी ने कहा - राज अंकल मुझे चिंटू के साथ एक फिल्म में डायरेक्ट कर रहे थे और चिंपू (राजीव कपूर), चिंटू (ऋषि कपूर) के बॉडी डबल थे। उसके अंदर फिल्ममेकिंग और एक्टिंग के लिए अलग ही जुनून था।

दोनों भाईयों का जाना दुखद
पद्मिनी कोल्हापुरी ने इस बातचीत में कहा कि इस तरह कपूर परिवार के दोनों भाईयों - चिंटू और चिंपू का जाना बेहद दुखद है। मैंने RK बैनर में बचपन से काम किया है और मैं ऋषि जी और राजीव के निधन से बेहद स्तब्ध हूं।

प्रेम रोग के असिस्टेंट डायरेक्टर
राजीव कपूर ने प्रेम रोग के साथ अपने करियर की शुरूआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने अपने पिता राज कपूर को असिस्ट किया था। कहा जाता है कि इस फिल्म के दौरान, पद्मिनी कोल्हापुरी और राजीव बेहद करीब आ गए थे लेकिन राज कपूर ने पद्मिनी कोल्हापुरी से साफ साफ फिल्म या राजीव में से किसी एक को चुनने को कहा।

सुषमा सेठ ने किया याद
दैनिक भास्कर के साथ एक बातचीत में सुषमा सेठ ने राजीव कपूर को याद करते हुए कहा कि हमारी मुलाकात पहली बार प्रेम रोग के सेट पर हुई थी। फिर मैंने राम तेरी गंगा मैली में उनकी बड़ी मां का किरदार निभाया। सेट पर पहले दिन वो मेरे लिए इतना बड़ा गुलदस्ता लेकर आए थे जितना किसी ने नहीं देखा। अब वो सारी चीज़ें याद आ रही हैं। उनका यूं जाना, बेहद दुखद खबर है।

रज़ा मुराद
राजीव के निधन की खबर सुनकर रज़ा मुराद उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। रज़ा मुराद ने कुछ पोर्टल से बातचीत में बताया कि उनकी राजीव से पहली मुलाकात प्रेम रोग के सेट पर हुई थी। राजीव, बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर ज़मीन साफ करने से लेकर ट्रॉली चलाने तक सब काम करते थे।

अकेलेपन के शिकार थे
रज़ा मुराद ने आगे कहा कि हर कोई राज कपूर या ऋषि कपूर नहीं हो सकता लेकिन चिंपू ने इसी कारण खुद को अकेला कर लिया था। उन्हें वो सफलता नहीं मिली जो उन्हें मिलनी चाहिए थी। वरना ये कोई उम्र नहीं होती, इस तरह जाने की। राम तेरी गंगा मैली की शूटिंग के दौरान वो हर फाईट सीन के बाद मुझसे पूछते थे - कहीं चोट तो नहीं लगी?

माधुरी दीक्षित ने किया याद
बतौर डायरेक्टर राजीव कपूर की पहली फिल्म प्रेम ग्रंथ की हीरोइन, माधुरी दीक्षित ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया और लिखा - भले ही ये उनकी पहली फिल्म थी लेकिन उन्होंने इतनी गंभीरता से इतने संवेदनशील मुद्दे को परदे पर दिखाया। वो सारी अच्छी यादें आंखों के सामने हैं। कपूर परिवार के साथ मेरी सहानुभूति।

अनुपम खेर ने दी श्रद्धांजलि
#राजीवकपूर के निधन का सुनकर बहुत दुख हुआ।उनके निर्देशन में बनी फ़िल्म 'प्रेम ग्रंथ' में काम किया था।वो एक गुणी डायरेक्टर थे।उनके व्यक्तित्व को क़रीब से जानने का मौका भी मिला।एक ज़िंदादिल और ख़ुशमिज़ाज इंसान थे! प्रभु उनके परिवार वालों को इस दुख से जूझने की ताक़त दे! #OmShanti

टीना मुनीम ने किया याद
राजीव कपूर की फिल्म आसमान की को स्टार टीना मुनीम ने उन्हें याद करते हुए लिखा - चिंपू बहुत ही जल्दी चले गए। स्तब्ध हूं और टूटी हुई हूं। एक बेहद शानदार इंसान जो हमेशा खुशियां बांटता था।


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