राजेश खन्ना की आखिरी ख्वाहिश- 'आशिर्वाद' हुआ 'वरदान आशिर्वाद'

सूत्रों के अनुसार "ये काकाजी की आखिरी ख्वाहिश थी। वो चाहते थे कि बंगले का नाम आशिर्वाद से बदलकर वरदान आशिर्वाद रख दिया जाए। लेकिन उनकी खराब तबियत के चलते नाम बदला नहीं जा सका। इसलिए कुछ दिनों पहले ही इसका नाम बदला गया है।"
जैसा कि सभी को पता है कि आशिर्वाद पहले राजेन्द्र कुमार का था और उन्होने अपने इस बंगले का नाम अपनी बेटी डिंपल के नाम पर डिंपल रखा था। जब राजेश खन्ना ने उनसे ये बंगला खरीदा तो उन्हें अंदाजा था कि उनकी होने वाली पत्नी का नाम भी डिंपल होगा। इसलिए उन्होने उस बंगले का नाम डिंपल ही रखे रहने की सोची। लेकिन राजेन्द्र कुमार को ये पसंद नहीं आया। उन्होने अपने नये बंगले का नाम डिंपल रखा और राजेश खन्ना से कहा कि वो अपने बंगले का नाम बदलकर कुछ और रखें।
राजेश खन्ना ने उस समय अपने बंगले का नाम बदलकर आशिर्वाद रख दिया लेकिन अपने आखिरी दिनों में वो अपने बंगले के नाम के आगे वरदान रखना चाहते थे। उन्होने अपनी पत्नी डिंपल कपाड़िया, अपनी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार से अपनी इस इच्छा को बांटा और कहा कि वो लोग इस बंगले का नाम बदलकर आशिर्वाद रख दें।


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