वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अवस्थी का निधन

मध्य प्रदेश के जबलपुर में 25 जवनरी 1930 को पैदा हुए राजेंद्र अवस्थी ने पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य रचना करते हुए कई किताबें भी लिखीं थी. उन्होंने सारिका, नंदन, साप्ताहिक हिंदुस्तान और कादम्बिनी जैसी पत्रिकाओं का संपादक भी किया.
राजेंद्र अवस्थी ने जिन उपन्यासों की रचना की उनमें 'सूरज किरण की छांव', 'जंगल के फूल', 'जाने कितनी आंखें', 'बीमार शहर', 'अकेली आवाज़' और 'मछली बाज़ार' के नाम शामिल हैं. राजेद्र अवस्थी अपने तंत्र-मंत्र प्रेम के लिए भी जाने जाते थे.
वे 'ऑथर गिल्ड ऑफ़ इंडिया' के अध्यक्ष भी रहे. दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी ने उन्हें 1997-98 में साहित्यिक कृति से सम्मानित किया था. राजेंद्र अवस्थी के निधन पर देश के जाने-माने साहित्यकारों और वरिष्ठ पत्रकारों ने शोक जताया है और इसे हिंदी साहित्य और पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति बताया है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने राजेंद्र अवस्थी के निधन पर शोक जताते हुए इसे आर्दश पत्रकारिता की गहरी क्षति बताया. उन्होंने कहा कि अवस्थी के निधन से पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य जगत में भी खालीपन आ गया है.


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