कहानी और प्रोड्यूसर देखकर ही साइन करता हूं फिल्म- राजीव खंडेलवाल
छोटे परदे के रोमांटिक हीरो राजीव खंडलेवाल ने सिल्वर स्क्रीन पर आमिर, शैतान, टेबल नंबर 21 जैसी अलग तरह की फिल्में करके खुद को एक परफॉर्मर के रुप में लोगों के सामने रखा है। राजीव खंडेलवाल से जब पूछा गया कि उनके लिए कोई भी फिल्म साइन करने से पहले क्या चीज सबसे ज्यादा मायने रखती है तो उन्होंने कहा कि निर्माता। इस बारे में विस्तृत रुप में बात करते हुए राजीव ने कहा कि किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले मैं दो चीजों का ध्यान रखता हूं एक तो है फिल्म की कहानी और दूसरा है फिल्म का निर्माता। राजीव ने बताया कि उनकी पहली फिल्म आमिर तो यू टीवी की फिल्म थी लेकिन उसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्में साइन की जो शुरु तो होती थीं लेकिन कुछ ही महीनों बात वो बंद हो जाती थीं। और इससे उनका वक्त पैसा सबकुछ बरबाद होता था।
राजीव ने बताया कि जब आमिर फिल्म रिलीज हुई तो उसके बाद उन्हें एक के बाद एक कई फिल्मों के ऑफर आए। कई फिल्मों की कहानी अच्छी होती थी लेकिन उन्हें प्रोड्यूसर नहीं मिलता था। कई बार कुछ महीने फिल्म की शूटिंग करने के बाद वो पैसों की वजह से बंद हो जाती थीं तो कभी कभी आपको फिल्म की पेमेंट तक नहीं होती थी। इसलिए मैने ये डिसाइड किया कि किसी भी फिल्म को करने से पहले प्रोड्यूसर से मिलना जरुरी है। जब भी कोई निर्देशक मेरे पास फिल्म का ऑफर लेकर आता था तो मैं कहानी पढ़ने के बाद बोलता हूं कि मुझे प्रोड्यूसर से मिलवा दें।
राजीव ने कहा "बिना प्रोड्यूसर से मिले मैं फिल्म को हां नहीं करता क्योंकि अक्सर ऐसा होता है कि मैं हां कर देता हूं और उसके बाद प्रोड्यूसर की तलाश शुरु होती है। कभी-कभी तो महीनों की शूटिंग के बाद शूटिंग बंद कर दी जाती है क्योंकि पैसे नहीं होते हैं। उसके बाद महीनों बाद फिर से शूटिंग शुरु होती है और तब आप ना नहीं कह सकते क्योंकि आपने कॉंट्रेक्ट साइन किया है। इसलिए किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले फिल्म की कहानी तो इंपोर्टेंट है ही लेकिन साथ ही प्रोड्यूसर भी उतना ही महत्वपूर्ण हैं।"


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