राहुल बोस एक चुनौतीपूर्ण भूमिका में

एक लंबे समय के बाद अभिनेता राहुल बोस अपनी अगली फिल्म 'फ़ायर्ड' लेकर दर्शकों के सामने हाज़िर हैं. 'फ़ायर्ड' एक साइकोथ्रिलर है.
इस फ़िल्म में उनके साथ ब्रिटिश मॉडल मिलित्ज़ा रेडमिलोविक भी नज़र आएंगी. ये फ़िल्म जल्द ही भारतीय सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी.
ये फ़िल्म वैसे तो अंग्रेज़ी में बनाई गई है लेकिन इसमें हिंदी का भी छिटपुट इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ करने की भी योजना है. जिस वजह से इसके हिंदी वाले हिस्से को अंग्रेज़ी में डब किया गया है.
'फ़ायर्ड' की कहानी की पृष्ठभूमि आर्थिक मंदी की मार पर आधारित है. फ़िल्म का मुख्य किरदार जॉय पटेल जिसकी भूमिका राहुल बोस ने निभाई है वो कि लंदन स्थित एक कंपनी का सीईओ है और काफ़ी नकचढ़ा किस्म का इंसान है और उसके ऊपर घोटाला करने के भी आरोप हैं.
आर्थिक मंदी की भयंकर मार के कारण वो अपने ऑफ़िस के सारे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देता है. जिसमें एक खूबसूरत लड़की भी है जिससे जॉय का अफ़ेयर चल रहा है.
राहुल बोस कहते हैं “ये फिल्म नौकरी से निकाले जाने की पीड़ा और तकलीफ़ को बयान करती है, और उस पूरे तरीक़े को भी जिसमें नौकरी से निकाले जाने वाले व्यक्ति और निकालने वाले के बीच जितना कुछ घटता है.”
अपने किरदार के बारे में राहुल कहते हैं, “मेरा किरदार एक बहुत ही दुखी करने वाला इंसान है और वो इतना बुरा इंसान है कि मुझे इस रोल को अच्छी तरह से निभाना चुनौतीपूर्ण लगा.”
राहुल इसे साइकोथ्रिलर की संज्ञा भी देते हैं. वैसे 'फ़ायर्ड' एक दूसरी वज़ह से भी चर्चा में है. इस फ़िल्म में राहुल बोस और ब्रिटिश मॉडल मिलित्ज़ा रेडमिलोविक के बीच फिल्माए गए कुछ अंतरंग दृश्यों पर सेंसर बोर्ड ने एतराज़ जताया है.
उम्मीद करनी चाहिए की राहुल बोस की दूसरी फ़िल्मों की तरह ये फ़िल्म भी चर्चा बटोरने में क़ामयाब रहेगी.


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