राहुल बोस का राजनीतिक बयान
कोपेनहेगेन में जलवायु परिवर्तन पर हो रही वार्ता में ठोस परिणाम निकलें , इसके लिए काफी सारी संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन वगैरह भी वहाँ पहुंचे हैं। दुनिया भर के विविध क्षेत्रों के लोग जो जलवायु परिवर्तन के मुद्दे की महत्ता को समझते हैं, सभी वहां इकट्ठा हुए हैं।
इन्ही चेहरों में से एक चेहरा बॉलीवुड अभिनेता राहुल बोस का भी है। एक निष्पक्ष समझौते के लिए दबाव बनाने को कोपेनहेगन पहुंचे कई जाने-माने चेहरों में से एक राहुल बोस कहते हैं कि कोपेनहेगन में भारतीय नेताओं को यह याद रखना होगा कि भविष्य की पीढ़ियां उन्हें करीब से देख रही हैं।
बोस अंतर्राष्ट्रीय स्वयं सेवी संगठन 'ऑक्सफेम इंडिया' के ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। वह कहते हैं, "जलवायु परिवर्तन पर होने वाली बहस के आवश्यक मुद्दे नैतिकता और न्याय हैं। यदि लोगों का एक समूह एक मकान की 90 प्रतिशत क्षति के लिए जिम्मेदार है तो यकीनन मकान की मरम्मत में आने वाले खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा उन्हें ही देना चाहिए।"
राहुल बोस के मुताबिक "विकासशील देशों को अपने रुख पर मजबूती से खड़ा रहना चाहिए, जिस रुख को क्योटो संधि में उन्होने अच्छी तरह से व्यक्त किया है। भारतीय नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि भविष्य की पीढ़ियां उन्हें करीब से देख रही हैं।"
बोस के अलावा, डेनमार्क की मॉडल हेलेना क्रिस्टेंसेन और ब्रितानी अभिनेत्री हेलेन बैक्सेंडेल भी अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कोपेनहेगन पहुंची हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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