रोबोट की धूल भी नहीं 'रॉ वन'

रोबोट में मनोरंजन के साथ एक कहानी थी और अभिनय था लेकिन रॉ.वन में सिवाय टेक्नोलॉजी के कुछ भी नहीं है। कहानी नाम की तो कोई चीज ही नहीं है। फिल्म की स्क्रिप्ट पर बिल्कुल भी काम नहीं किया है। फिल्म देखकर निकले एक दर्शक मनीष तिवारी ने कहा कि फिल्म रॉ वन, रोबोट के पैर की धूल भी नहीं है।
वहीं शाहरूख की फिल्म की तुलना सलमान के बॉडीगार्ड से भी की जा रही थी। लेकिन ओपनिंग में शाहरूख, सलमान से पिछड़ते नजर आ रहे हैं। फिल्म ने उतनी बिक्री नहीं की जितनी उम्मीद थी। कुल मिलाकर शुरूआती कारोबार ने शाहरूख की रॉ वन उम्मीद पर खरी नहीं उतरी है। फिल्म समीक्षकों ने माना की फिल्म से लोगों को उम्मीद बहुत ज्यादा लगा ली थी, जो पूरी नहीं हुई इसलिए लोग निराश हुए हैं।


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