सनी देओल और दुलकर सलमान स्टारर आर बाल्की की फिल्म 'चुप' की रिलीज डेट की घोषणा, यहां देंखे नई पोस्टर
'चुप' फिल्म निर्माता- निर्देशक आर बाल्की की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म है। महत्वाकांक्षा बड़े बजट के लिहाज से नहीं बल्कि सोच के पैमाने में है। 23 सितंबर, 2022 को रिलीज़ हो रही, यह एक रोमांटिक साइकोपैथ थ्रिलर है। एक विचार जो उन्होंने 'चीनी कम' के बाद किया था, लेकिन इसे बहुत बाद में लिखने का फैसला किया। आज फिल्म के पोस्टर्स के साथ रिलीज डेट का ऐलान किया गया है।
फिल्म के बारे में बोलते हुए आर बाल्की ने कहा, "चुप एक से अधिक कारणों से विशेष है। मेरे लिए सबसे बड़ा कारण यह है कि यह एक म्युजिक कंपोजर के रूप में अमिताभ बच्चन की आधिकारिक शुरुआत है। अमितजी ने चुप को देखा और अपने पियानो पर एक सहज मूल राग बजाया। फिल्म को फिर से जीवंत किया।"

उन्होंने आगे कहा, "यह फिल्म के लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का उनका तरीका था, उन्होंने ट्रिब्यूट दिया। यह रचना, फिल्म को उनका उपहार है जो चुप का अंतिम शीर्षक ट्रैक होगा। मुझे नहीं लगता कि कोई कलाकार हो सकता है जिसकी संवेदनशीलता बच्चन को हरा सकती है और चुप को उनका स्पर्श है!"
सनी देओल, दुलकर सलमान, श्रेया धनवंतरी और पूजा भट्ट स्टारर यह फिल्म आर बाल्की द्वारा निर्देशित और राकेश झुनझुनवाला, अनिल नायडू, डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियो) और गौरी शिंदे द्वारा निर्मित है। मूल कहानी आर बाल्की की है, पटकथा और संवाद आर बाल्की, आलोचक से लेखक राजा सेन और ऋषि विरमानी द्वारा सह-लिखित हैं।
डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियोज) फिल्म प्रस्तुत करते हैं और पेन मरुधर द्वारा पूरे इंडिया में फिल्म वितरित की जाएगी। फोटोग्राफी के निदेशक विशाल सिन्हा हैं और संगीत निर्देशक एस डी बर्मन, अमित त्रिवेदी, स्नेहा खानवलकर और अमन पंत हैं। साहिर लुधियानवी, कैफ़ी आज़मी, स्वानंद किरकिरे के गीत है। प्रणब कपाड़िया और अनिरुद्ध शर्मा फिल्म के सह-निर्माता हैं।
बता दें, यह फिल्म गुरु दत्त को समर्पित है। जिन्होंने बतौर डायरेक्टर, राइटर, एक्टर, प्रोड्यूसर और कोरियोग्राफर फिल्म इंडस्ट्री में अपना अहम योगदान दिया है, और जिसे आज भी याद किया जाता है। साल 1959 में आई उनकी फिल्म 'कागज के फूल' को आज भले कल्ट क्लासिक माना जाता है, लेकिन उस वक्त फिल्म फ्लॉप रही थी और गुरु दत्त को आर्थिक तौर पर इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा था। कहा जाता है कि इसके बाद वो बुरी तरह टूट गए थे और डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। 10 अक्टूबर 1964 को महज 39 की उम्र में उनका निधन हो गया था।


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