कार एक्सीडेंट में दीप सिद्धू की मौत, गर्लफ्रेंड बोलीं- नींद आ गई थी, टक्कर के बाद कार घिसटती चली गई
पंजाबी एक्टर और एक्टिविस्ट दीप सिद्धू का मंगलवार रात कार एक्सीडेंट में निधन हो गया। एक्सीडेंट के समय गाड़ी में दीप के साथ उनकी एक महिला दोस्त मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि यह दोस्त उनकी गर्लफ्रेंड रीना राय हैं। रीना राय को एक्सीडेंट में गंभीर चोट आयी है और उनका इलाज दिल्ली में जारी है।
दीप सिद्धू दिल्ली से पंजाब लौट रहे थे। इसी दौरान कुंडली-मानेसर-पलवाल एक्सप्रेसवे के पास हुआ। दीप सिद्धू दिल्ली से पंजाब जा रहे थे। मीडिया रिपोर्ट अनुसार रीना राय ने इस एक्सीडेंट से जुड़ी दर्दनाक जानकारी शेयर की है। रीना राय ने बताया कि दीप सिद्धू गुरुग्राम से बठिंडा जा रहे थे। वह गाड़ी को खुद ड्राइव कर रहे थे।

रीना ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हादसे के समय दीप सिद्धू की आंख लग गई थी। फिर गाड़ी की ट्रक से टक्कर हुई। इसके बाद कार 20 से 30 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। इस पूरे हादसे को लेकर पुलिस का कहना है कि जिस ट्रक से हादसा हुआ वह रफ्तार में आ रही थी।

घटना के बाद ड्राइवर फरार
ट्रक राजस्थान का था। घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया है। गाड़ी चालक की पहचान हो गई है। पुलिस ने इस मामले को लेकर FIR दर्ज करवा ली है। पुलिस अनुसार एयरबैग के कारण रीना राय की जान बच गई। दीप की तरफ जो एयरबैग लगा था उसमें विस्फोट हो गया। घटनास्थल से दीप को अस्पताल ले जाया गया जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

वैलेंटाइन डे के सेलिब्रेशन के कारण
दीप की गाड़ी की स्पीड 100 से 120 किमी प्रति घंटा रहने का अंदाजा लगाया जा रहा है। शायद इसी वजह से दीप की गाड़ी का टायर फट गया। 13 जनवरी को दीप अपनी महिला दोस्त के साथ गुरुग्राम के ओबेरॉय होटल में ठहरे हुए थे।वैलेंटाइन डे के सेलिब्रेशन के लिए वह अमेरिका से भारत आयी थींं।

लाल किला हिंसा में मुख्य आरोपी
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 1984 को दीप सिद्धू का जन्म हुआ। वह एक मॉडल, अभिनेता होने के साथ किसान कार्यकर्ता भी थे। महज 37 साल की उम्र में रोड एक्सीडेंट में उनकी मृत्यु हो गई। दीप का नाम पिछले साल लाल किला हिंसा में सबसे अधिक सामने आया। दीप सिद्धू को 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा में मुख्य आरोपी के नाम पर नामित किया गया था।

पंजाब में दीप ने वारिस पंजाब नाम से एक संगठन भी बनाया
कई दिनों तक फरार होने के बाद दीप ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। जेल में जाने के कुछ दिन बाद उनकी जमानत हुई। पंजाब में दीप ने वारिस पंजाब नाम से एक संगठन भी बनाया है। एक समय में दीप देओल परिवार के काफी करीब भी थे। साल 2019 में सनी देओल के गुरदासपुर चुनाव के दौरान उनका कामकाज दीप सिद्धू ने ही संभाला था।


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