Priyanka Chopra का अपने स्किन कलर को लेकर छलक दर्द, बोलीं- बॉलीवुड में मेकअप से किया गया गोरा

Priyanka Chopra: पिछले दिनों अमेरिका के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड को लेकर कई बड़े खुलासे किये हैं। एक ओर जहां प्रियंका ने गुटबाजी को लेकर काफी बड़े बयान दिये हैं, वहीं उन्होंने ये भी बताया कि कैसे अपने स्किन कलर की वजह से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव सहना पड़ा था।
प्रियंका चोपड़ा ने अपने पॉडकास्ट आर्मचेयर एक्सपर्ट पर डैक्स शेफर्ड से कहा, "मुझे कई फिल्मों में मेकअप और ब्राइट लाइटिंग के जरिए गोरा दिखाया जाता था। एक गाना था जो मुझे आज भी याद है.. 'चिट्टी दूध कुड़ी'.. जिसका मतलब है एक लड़की जो दूध की तरह गोरी है और मैं वो नहीं हूं, लेकिन मैं उसका किरदार निभा रही थी, लिहाजा मुझे वाकई में गोरा कर दिया गया था।"
प्रियंका चोपड़ा ने यह स्वीकार किया कि फेयरनेस क्रीम के प्रचार में उनका भी योगदान है। उन्होंने किया, "मुझे याद है कि जब मैं फिल्मों में शामिल हुई, तो मुझे सांवली एक्ट्रेस लिखा जाता था। फिर भी, मैंने एक फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन किया, क्योंकि मैं एक ब्यूटी ब्रांड का हिस्सा थी। मैं अब जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो मुझे ये बेहद हानिकारक लगता है.."
प्रियंका ने बताया, "साल 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद मैंने एक फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन किया था। उसमें मैंने एक डार्क रंग की लड़की की भूमिका निभाई थी जो फूल बेच रही होती है। वो लड़की एक ऐसे व्यक्ति द्वारा रिजेक्ट कर दी जाती है जो उसे देखता भी नहीं है। वो लड़की फिर इस फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल करना शुरू कर देती है और फिर उसे एक अच्छे कंपनी में नौकरी मिल जाती है, लड़का मिल जाता है और उसके सारे सपने सच हो जाते हैं। प्रियंका ने बताया कि इस विज्ञापन के बाद उन्होंने फिर कभी भी किसी भी फेयरनेस क्रीम का एड नहीं किया था।"
प्रियंका ने अपनी किताब में भी इस बारे में लिखा था। बिना किसी हिचक के वो मानती हैं कि skin-whitening creams को एंडोर्स करना उनकी बड़ी गलती थी और उन्होंने इसके लिए माफी मांगी है।


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