प्रियदर्शन को कॉमेडी फिल्म नहीं बनानी चाहिए : अजय देवगन

देवगन कहते हैं कि 'हेरा फेरी' जैसी हास्य प्रधान फिल्में दे चुके प्रियदर्शन वास्तव में गम्भीर मुद्दों को ज्यादा बेहतर ढंग से पेश करते हैं। देवगन ने कहा, "मुझे लगता है कि प्रियदर्शन इस तरह की फिल्मों में ज्यादा बेहतर हैं। उन्होंने पहले 'विरासत', 'काला पानी' जैसी व कुछ दक्षिण की फिल्में बनाई हैं।" अजय ने प्रियदर्शन की 'आक्रोश' में मुख्य भूमिका निभाई है।
प्रियदर्शन अकेले ऐसे फिल्मकार हैं जिन्होंने विभिन्न भाषाओं में फिल्में बनाई हैं और उनके काम की सराहना भी हुई है। उन्होंने 1988 में मलयालम फिल्म 'वेल्लानाकालुडे नाडु' बनाई थी। भ्रष्टाचार और भू माफिया पर आधारित इस फिल्म में मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। बाद में उन्होंने 'आर्यन' फिल्म बनाई थी।
वर्ष 2008 में आई उनकी तमिल फिल्म 'कांचीवरम' के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। देवगन कहते हैं, "मैंने प्रियदर्शन से भी कहा है कि उन्हें हास्यप्रधान फिल्में बनाना बंद कर देना चाहिए और इस तरह की फिल्मों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि मुझे लगता है कि वह गंभीर और मार-धाड़ से भरपूर फिल्में अच्छी बनाते हैं। उन्हें यह भी लगता है कि 'आक्रोश' उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से है।"
प्रियदर्शन ने 'आक्रोश' में सम्मान की खातिर होने वाली हत्याओं के ज्वलंत मुद्दे को उठाया है। बिहार के झांझर की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म दिल्ली विश्वविद्यालय के तीन छात्रों के इर्द-गिर्द घूमती है। ये छात्र एक गांव में गुम हो जाते हैं। देवगन ने सीबाआई अधिकारी की भूमिका निभाई है जिन्हें इस मामले को सुलझाने के लिए एक अन्य अधिकारी (अक्षय खन्ना) की मदद के लिए बुलाया जाता है। बिपाशा बसु, परेश रावल और रीमा सेन ने भी फिल्म में अभिनय किया है। यह फिल्म 15 अक्टूबर को प्रदर्शित होगी।


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