प्रीति जिंटा को लुभाते हैं पुराने हिंदी गाने

प्रीति का कहना है कि उस समय आज की तरह नकल नहीं होती थी। उस जमाने में लोग मेहनत करते थे, जिसका नतीजा ये है कि आज भी हर कोई पुरानी धुनों थिरकता है और पुराने नगमों को गुनगुनाता है।

प्रीति का कहना है कि उस समय आज की तरह नकल नहीं होती थी। उस जमाने में लोग मेहनत करते थे, जिसका नतीजा ये है कि आज भी हर कोई पुरानी धुनों थिरकता है और पुराने नगमों को गुनगुनाता है।