प्रीती जिंटा की रगों में विदेशी खून

प्रीती के पूर्वज बिटिश लोग थे जो नीली आंखो वाले थे। भले ही प्रीती के पूर्वज ब्रिटिश रहे हो लेकिन उन्हें अपना देसीपन ज्यादा पसंद है। इसीलिए जब लोग उनकी पहचान को लेकर असमंजस में पड़ते है तो उन्हें कोई परेशानी नही होती है।
इस बारे में प्रीती कहती है कि कुछ लोग सोचते है कि मैं दक्षिण भारतीय हूं जबकि कुछ लोग सोचते है कि मैं मुसलमान हूं वही मेरे कुछ प्रशंसक मुझसे पूछते है कि क्या मैं हिमाचल से हूं।
प्रीती ने अपने बारे में और भी बताया, ''18वीं शताब्दी की शुरूआत में जब राजपूत अपनी आन बान के लिए मरने तक वालों में ख्याति अर्जित कर चुके थे तब उस दौरान दो वर्ग के लोगों में शादियां हो रही थी उसके बाद जिटा समुदाय की उत्पत्ति हुई थी। जो कि ब्रिटिश और राजपूत के मिलन से उत्पन्न हुई थी और उसी समुदाय से आती हूं।''


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