विरासत में मिला है प्रतीक को अभिनय

इमरान खान की फिल्म 'जाने तू या जाने ना' में अपने अभियन के लिए समीक्षकों की तारीफ बटोरने वाले प्रतीक का मानना है कि बॉलीवुड में उनका सफर धीमा तो है लेकिन टिकाऊ रहेगा। इनकी हर फिल्मों में ये अलग अलग शेड में नज़र आए हैं चाहे फिल्म धोबी घाट हो, आरक्षण हो या फिर इनकी पहली फिल्म जाने तु या जाने हो। ये किसी एक ही तरह के किरदार में नहीं बंधे हैं इससे पता चलता है कि ये काम करने का इच्छुक।
अमिताभ बच्चन प्रतीक के बारे में पहले ही कह चुके हैं कि उनको देख कर अमिताभ को स्मिता पाटिल की याद आती है, अभिनय तो इनके खुन में बसा हुआ है। फिल्म में चाहे वो छोटा सा ही किरदार क्यों ना करे समीक्षकों की नजर में ये आ ही जाते हैं। मुझे अलग-अलग किरदार निभाना पसंद है. मैं ऐसा काम करना चाहता हूं जिससे दर्शकों को आनंद मिले."
हाल ही में आयी फिल्म दम मारो दम में इन्होंने अपने किरदार को जिंदा कर दिया था। सचमुच इनका काम काबिले तारिफ है। प्रतीक पहली बार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'माय फेंड्र पिंटो' को लेकर काफी खुश हैं क्योंकि इस फिल्म में वो मुख्य किरदार के रूप में दिखाई देंगे। फिल्म की झलक देख कर ही लग रहा है कि इस फिल्म का किरदार पिंटो प्रतीक की दूसरी फिल्मों से पूरी तरह अलग है। इस फिल्म में वो एक हास्य किरदार में नज़र आएंगे।
प्रतीक का भविष्य बॉलीवुड में कैसा रहेगा तो इस बात का पता तो अमिताभ बच्चन के इस बयान से ही लग जाता है ब बिग बी का कहना है कि नई पीढ़ी के सभी कलाकारों में से अगर कोई ऐसा है जो कैमरे के सामने बिलकुल सहज है तो वो प्रतीक हैं। ये गुण हर किसी में नहीं होता। अमिताभ खुद आगे कहते हैं कि मैं आज भी कैमरे के सामने उतना सहज नहीं हूं।'प्रतीक कैमरे के सामने बहुत स्वाभाविक लगते हैं, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर वो अपने कैरियर की शुरुआत में ही ऐसे हैं तो आगे जाकर वो पर्दे पर क्या कमाल करेंगे।


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