प्रकाश झा ने दिया दलितों को जवाब

उस वक्त फिल्म के निर्देशक प्रकाश झा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा था। लेकिन अब वह इस बारे में कह रहे हैं कि उन्हें जो पत्र दलित समाज के द्वारा मिला था। उसमें कोई पता नहीं लिखा था। दूसरी बात यह भी है कि चाहे जो कुछ भी हो। किसी भी निर्देशक पर कोई भी समाज इस बात के लिए जोर नहीं डाल सकता कि वह फिल्म में किसे लें और किसे नहीं।
जातीय भेदभाव के आधार पर इस तरह का कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए। दूसरी बात उन्होंने जो भी बात कही है उससे फिल्म की रिलीज पर कोई फर्क नहीं आयेगा। हालांकि प्रकाश झा ने यह भी कहा है कि उनकी तरफ से प्रकाश झा प्रोडक्शन द्वारा पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन उनके पास पता ही नहीं जिस पर वह यह पत्र भेजें।
पत्र में लिखा गया है कि आपका पत्र दिनांक 1 मई 2011 को मिला। हमें अत्यंत खेद है कि आपको हमारी फिल्म की कास्टिंग की वजह से ठेस पहुंची है। हम इस पत्र द्वारा दलित सुरक्षा समिति की गलतफहमी को दूर करना चाहते हैं। चूंकि आपने कोई पता नहीं दिया है, अतः हम इसे सार्वजनिक पत्र के माध्यम से आपके पत्र का उत्तर देना चाहते हैं। आपके संगठन के लोगों को फिल्म कलाकार सैफ अली खान का दलित पात्र निभाने पर आपत्ति है, क्योंकि वे एक मुसलिम खानदान से ताल्लुक रखते हैं।
दलित सुरक्षा समिति की यह आपत्ति निराधार है। अगर हम एक सामान्य समाज में विश्वास रखते हैं, तो कोई भी जाति, वर्ग, कौम का आदमी कोई भी किरदार निभा सकता है। रंग, जाति, धर्म, लिंग, वर्ग के आधार पर भेदभाव उचित नहीं।


Click it and Unblock the Notifications











