गलत ट्रीटमेंट की शिकार 'वी आर फेमिली'
शुक्रवार को सिनेमा घरों में पहुंची करन और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'वी आर फेमिली' गलत ट्रीटमेंट की शिकार हैं।कहानी अच्छी है , लेकिन उस प्रस्तुत बेहद लचीले अदाज में किया गया है। हालाकि सिद्धार्थ की ये पहली फिल्म है लेकिन उन्होंने बेहद निराश किया है। उनकी ये फिल्म हॉलीवुड की फेमस फिल्म स्टेप मॉम की रीमेक है, लेकिन फिल्म को देखकर लगता है कि फिल्म हॉलीवुड का हिंदी रूपांतर है, मतलब कहने का का फिल्म में कहानी और प्रस्तुतिकरण के नाम पर बिल्कुल भी मेहनत नहीं की गई हैं।
देखें : 'वी आर फेमिली' की तस्वीरें
बात अभिनय की करते हैं तो ये फिल्म पूरी तरह से काजोल की फिल्म कही जा सकती है। काजोल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आखिर लोग आज भी उनकी कला के मुरीद क्यों हैं, काजोल में अपने रोल माया को पूरी तरह से पर्दे पर जीवंत किया है फिल्म को अगर थोड़ी भी सफलता मिलती है तो वो सिर्फ और सिर्फ काजोल के कारण, वरना न तो करीना और न ही अर्जुन राम पाल में दम है कि वो दर्शकों को सिनेंमाघर ले आयें। जहां तक करीना की बात है तो वो औसत है, और रही बात अर्जुन राम पाल की तो वो अपनी उम्र से ज्यादा बूढ़े लगने लगे हैं लगता है कि बॉलीवुड में उनके दिन पूर हो गए हैं।
रही बात करन जौहर की तो ये फिल्म उनकी और फिल्मों की तरह रोमांचित नहीं करता है हां अगर करन इस कहानी को खुद निर्देशित करते तो शायद ये फिल्म और बेहतर बन सकती थीं। संगीत भी ऐसा नहीं कि गुनगुनाया जाये। करन की पिछली हिट फिल्मों में संगीत का बखूबी रोल था, उन फिल्मों के गीत आज भी गुनगुनाए जाते हैं। पूरी फिल्म को देखकर लगता है कि काश करन जौहर खुद इस फिल्म को बनाते तो इस कदर एक अच्छी कहानी का मर्डर ना हुआ होता।


Click it and Unblock the Notifications











