'टेल मी ओ खुदा' से अस्तित्व तलाशती ईशा देओल

फिल्म को देखकर आपको कुछ साल पहले की हेमामालिनी की ही बनायी फिल्म 'दिल आशना है' याद आ जायेगी। फिल्म में शाहरूख खान, दिव्या भारती मुख्य किरदारों में थे। फिल्म में दिव्या अपने मां-बाप को तलाशती है, वैसी ही 'टेल मी ओर खुदा' भी है, जिसमें ईशा अपने मम्मी-पापा को खोजती है। थोड़ा सा अंतर बस इतना है कि 'दिल आशना है' में दिव्या भारती एक बार डांसर होती है जबकि इस फिल्म में ईशा एक लेखिका है। बाकी फिल्म की कहानी में थोड़ा हेर-फेर करके दिखाया गया है।
हेमा मालिनी द्वारा निर्देशित इस फिल्म के प्रचार में पहली बार धर्मेन्द्र ने अपनी बेटी ईशा को सार्वजनिक तौर पर पूरी तरह से सपोर्ट किया। उन्होंने न सिर्फ इस फिल्म के प्रचार में भाग लिया वरन दर्शकों से सिर झुका-झुकाकर अपनी बेटी की फिल्म देखने का आग्रह किया। फिल्म की गति बहुत धीमी है और संगीत प्रधान होते हुए भी फिल्म का संगीत बिल्कुल भी यादगार नहीं है।
फिल्म को देखने वालों की तादात पहले से ही काफी कम थी क्योंकि यह फिल्म शाहरूख की 'रॉ वन' के साथ प्रदर्शित हुई है। फिल्म के 'छम्मक-छल्लो' सांग के आगे ईशा का बेहतरीन डांस फीका साबित हुआ है। कुल मिलाकर फिल्म को अच्छी ओपनिंग नहीं मिली है। कहा जा सकता है फिल्म की अभिनेत्री की तरह ईशा देओल रीयल लाईफ में भी अपनी पहचान खोज रही हैं। इस फिल्म के बाद ही तय हो जायेगा कि ईशा वापस बॉलीवुड में आती हैं या नहीं। आसार तो नहीं के ज्यादा है।


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