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    फूलन देवी हत्याकांड पर बनी फ़िल्म में लिएंडर पेस

    By Bbc
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    फ़िल्म के निर्माता के मुताबिक लिएंडर पेस फूलन की हत्या के दोषी शेर सिंह राणा का किरदार निभा रहे हैं.

    फूलन देवी हत्याकांड के दोषी शेर सिंह राणा पर एक फ़िल्म बनाने की तैयारी हो रही है. फ़िल्म का नाम है 'द एंड ऑफ़ बैंडिट क़्वीन' और इसके निर्माता हैं जगजीत सिंह वालिया.

    फ़िल्म की स्क्रिप्ट ख़ुद शेर सिंह राणा ने लिखी है और दिलचस्प बात ये है कि फ़िल्म में उसका किरदार भारत के टेनिस स्टार लिएंडर पेस निभाएंगे.

    बीबीसी से बात करते हुए जगजीत सिंह वालिया ने कहा, "लिएंडर ने शेर सिंह राणा पर काफ़ी रिसर्च भी कर ली है. वो बहुत ही मेहनती और जुनूनी किस्म के इंसान हैं. मुझे उम्मीद है कि वो शेर सिंह राणा के किरदार को पर्दे पर बेहतरीन तरीके से अंजाम देंगे."

    फूलन देवी के किरदार के लिए रितुपर्णा सेन गुप्ता का चयन किया गया है. जगजीत सिंह के मुताबिक रितुपर्णा बेहतरीन अभिनेत्री हैं और फूलन के किरदार को जानदार तरीके से निभा पाने में सक्षम होंगी.

    जुलाई 2001 में फूलन देवी की हत्या कर दी गई थी.

    जगजीत सिंह ने ये भी बताया कि फ़िल्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जा रही है और ये अंग्रेज़ी भाषा में होगी. शेर सिंह राणा ने इसकी स्क्रिप्ट जेल में रहकर ही लिखी.

    फि़ल्म साल 2012 में रिलीज़ होगी. लिएंडर और रितुपर्णा के अलावा फ़िल्म में प्रियांशु चटर्जी और आमिर ख़ान की ‘पीपली लाइव’ में नत्था का किरदार निभाने वाले ओमकार दास मानिकपुरी की भी मुख्य भूमिका है. कहा जा रहा है कि फ़िल्म का बजट 50 करोड़ रुपए आस-पास होगा.

    जगजीत के मुताबिक़ “लोगों को सिर्फ़ ये पता है कि फूलन देवी की हत्या हुई और उसमें शेर सिंह राणा दोषी है. किसी को ये नहीं पता कि ऐसा हुआ क्यों. क्यों पूलन देवी की हत्या हुई. हम लोगों को तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाना चाहते हैं”

    फूलन देवी की 25 जुलाई 2001 को दिल्ली में हत्या कर दी गई थी. उस वक़्त वो समाजवादी पार्टी से सांसद थीं. उनकी हत्या के आरोप में शेर सिंह राणा को दोषी पाया गया था. वो फ़िलहाल तिहाड़ जेल में सज़ा काट रहा है.

    फूलन देवी 1980 के दशक के शुरुआत में चंबल के बीहड़ों में सबसे ख़तरनाक डाकू मानी जाती थीं.

    सांसद बनने से पहले फूलन देवी दस्यु सुंदरी के रूप में चर्चित थीं. उन पर आरोप था कि सामूहिक बलात्कार का बदला लेने के लिए 1981 में एक जनसंहार में ऊँची जाति के 22 लोगों को उन्होंने मौत के घाट उतार दिया था.

    उनके जीवन पर शेखर कपूर ने 'बैंडिट क्वीन' नाम से फ़िल्म बनाई जिसे पूरे यूरोप में ख़ासी लोकप्रियता मिली.

    फिल्म अपने कुछ दृश्यों और फूलन देवी की भाषा को लेकर काफ़ी विवादों में भी रही.

    फ़िल्म में फूलन देवी को एक ऐसी बहादुर महिला के रूप में पेश किया गया जिसने समाज की ग़लत प्रथाओं के ख़िलाफ़ संघर्ष किया.

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