आशा भोसले को श्रद्धांजलि देना पड़ा पाकिस्तानी मीडिया को भारी, सरकार ने भेजा नोटिस
भारतीय दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन बीते दिन 13 अप्रैल को हुआ था। आशा भोसले ने 9 साल की उम्र से गायकी शुरू की और अब तक कम से कम वह 12000 गाने गा चुकी हैं। तमाम नेता, अभिनेता, देश व विदेश के सिंगर आशा भोसले को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं कुछ ऐसा ही पाकिस्तान ने भी करने का सोचा। दरअसल पाकिस्तानी मीडिया ने आशा भोसले को ट्रिब्यूट दिया, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने ऐसा कदम उठाया जिसने सुनकर लोगों के होश उड़ गए।

दरअसल पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने देश के प्रमुख न्यूज चैनल जियो न्यूज को नोटिस भेजा यह जानकारी अखबार डॉन में दी है। नोटिस में यह कहा गया है कि जियो न्यूज चैनल आशा भोसले के निधन की खबर दिखाई साथ ही में भारतीय गाने और विजुअल्स भी दिखाए। अथॉरिटी का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का उल्लंघन है जिसने भारतीय कंटेंट दिखाने पर रोक लगाई थी। सरकार का कहना है कि इस नियम के बाद भी जानबूझकर भारतीय कंटेंट दिखाया। जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
न्यूज चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब किसी महान कलाकार पर खबर बनाई जाती है तो उनके काम को याद करना एक पुरानी परंपरा रही है। आशा भोसले जैसी बड़ी कलाकार के लिए तो और भी ज्यादा उनके मशहूर और सदाबाहर गाने दिखाने जाने चाहिए। जो हमने दिखाए भी। अजहर अब्बास ने कहा कि कला और ज्ञान पूरी इंसानियत की धरोहर है। इसे सीमाओं में नहीं बांधना चाहिए। आशा भोसले पाकिस्तान की गायिका नूर जहां की बड़ी प्रशंसक थीं। वह उन्हें बड़ी बहन कहती थीं। जंग और तनाव के बीच कलाकारों को इसका नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
इतना ही नहीं पत्रकार रऊफ क्लासरा ने कहा कि किसी महान गायिका से जुड़े कंटेंट को दिखाने पर नोटिस कैसे जारी किया जा सकता है। आशा भोसले ने कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया है। वह सच में सम्मान की हरदार हैं।


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