पाकिस्तानी एक्ट्रेस पर डायरेक्टर की गंदी नजर, बोला- गर्म करो मेरा बिस्तर

Saba Bukhari Casting Couch: पाकिस्तान की मशहूर टीवी अभिनेत्री सबा बुखारी ने अपने देश की फिल्म इंडस्ट्री में छिपे उस कड़वे सच का खुलासा किया है, जिसने बॉलिवुड से लेकर हॉलिवुड तक हलचल मचा द है। दुनियाभर में 'मी टू' जैसे अभियानों ने यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन सबा के मुताबिक यह गंदा सच आज भी गहराई तक फैला हुआ है, जिससे अनगिनत महिलाओं का करियर और जीवन बर्बाद हो रहा है।
टीवी सीरियल 'दिल ना उम्मीद तो सही' से पहचान बनाने वाली सबा बुखारी ने बताया कि लॉलीवुड (पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री) में एक महिला कलाकार के रूप में उन्हें किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने साथ हुए कास्टिंग काउच के डरावने अनुभव साझा किए हैं, जिनके बारे में जानकर किसी का भी दिल दहल सकता है।
सबा ने न केवल इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, बल्कि 'बीबीसी उर्दू' को दिए इंटरव्यू में भी इस विषय पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि एक बार एक फिल्ममेकर ने उन्हें रोल देने की शर्त पर साफ कहा - "अगर तुम्हें अच्छा किरदार और बेहतर पेमेंट चाहिए, तो तुम्हे कॉम्प्रोमाइज करना पड़ेगा।"
अभिनेत्री के अनुसार, शुरू में उन्हें लगा कि बात पैसों की हो रही है। लेकिन जब निर्माता ने अपनी बात दोहराई, तो सबा स्तब्ध रह गईं और तुरंत फोन काट दिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं था जब किसी ने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया। कई मौकों पर अलग-अलग लोगों ने उन्हें अभद्र बातें कहीं, जिससे वो अंदर तक तक टूट गईं।
सबा ने बताया, "मेरी पोस्ट के बाद मुझे लोगों का काफी समर्थन मिला। शुरू में समझ नहीं आ रहा था कि लोग इस तरह मेरा साथ क्यों दे रहे हैं, लेकिन मैं आभारी हूं कि अब कम से कम महिलाएं खुलकर बोलने लगी हैं।"
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में सबा ने लिखा कि एक व्यक्ति ने उनसे कहा था, "तुम इस इंडस्ट्री में आगे नहीं बढ़ सकतीं, क्योंकि तुम 'गुड गर्ल' हो - और इस दुनिया में 'गुड गर्ल्स' नहीं चलतीं। यहां काम और पैसे दोनों उन्हीं को मिलते हैं, जो समझौता करने को तैयार हों।"
सबा का कहना है कि पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच कोई नई बात नहीं है। 'मी टू' आंदोलन के दौरान पाकिस्तान में भी कई मशहूर कलाकारों ने इस पर खुलकर आवाज उठाई थी।
माहिरा खान, आयेशा ओमर जैसी जानी-मानी हस्तियों ने भी यौन शोषण के खिलाफ बयान दिए थे। आयेशा ओमर ने तो यह भी स्वीकार किया था कि उनके साथ भी ऐसा हुआ था, लेकिन डर और समाज के दबाव के कारण वे वर्षों तक चुप रहीं। बाद में उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती सबके सामने रखी।
सबा बुखारी की यह स्वीकारोक्ति एक बार फिर दिखाती है कि मनोरंजन जगत में 'कास्टिंग काउच' की समस्या आज भी खत्म नहीं हुई है और बदलाव के लिए महिलाओं की आवाज़ को और बुलंद करने की जरूरत है।


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