2 साल पहले इस कलाकार को मिला था पद्मश्री पुरस्कार, अब 73 साल की उम्र में मजदूरी करने पर है मजबूर

Padma Shri awardee Darshanam Mogulaiya: आज से 2 साल पहले साल 2022 में संगीत वाद्ययंत्र किन्नेरा के लिए हैदराबाद के दर्शनम मोगुलैया को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। लेकिन अब हाल ही में उन्हें हैदराबाद के पास एक निर्माण स्थल पर देहादी मजदूर के तौर पर काम करते हुए देखा जा रहा है। दरअसल पुरस्कार के बाद तेलंगाना सरकार से मिली एक करोड़ की रकम को पारिवारिक जरूरत की वजह से उन्होंने खर्च कर दिया।
इसीलिए अब दर्शनम मोगुलैया को दो वक्त का खाना खाने के लिए भी 73 साल के कलाकार कोइतना काम करना पड़ रहा है। उन्होंने इस पर बात करते हुए कहा कि "मेरा एक बेटा डर से पीड़ित है और इसके लिए दावों के लिए मुझे हर महीने 7000 रुपए की जरूरत होती है।" दर्शनम मोगुलैया के नौ बच्चे हैं और उन्होंने बताया कि तीन बच्चों की बीमारी से मौत हो गई और तीन की शादी हो गई है।
दर्शनम मोगुलैया के बचे हुए तीन बच्चे अभी छात्र हैं और अपने पिता पर ही निर्भर है। 4 साल पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था। दर्शनम मोगुलैया ने कहा कि "मैं काम के लिए कई लोगों से बात की और लोगों ने सहानुभूति व्यक्त कर मेरे अतीत की सराहना की। जिससे कि मेरी मदद के लिए मुझे थोड़ी सी धनराशि भी दी गई। लेकिन मुझे कोई रोजगार नहीं मिला।"
दर्शनम मोगुलैया ने आगे बात करते हुए कहा कि "जो मुझे एक करोड़ की धनराशि मिली थी मैंने उसे अपने बच्चों की शादियों में लगा दिया। मैं हैदराबाद शहर के बाहरी इलाके तुर्कयमजल में जमीन का एक टुकड़ा भी खरीदा था और मैं वहां पर घर भी बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन जब पैसे खत्म हुए तो मुझे इसी बीच इसको रोकना पड़ गया था।"
दर्शनम मोगुलैया ने बताया कि उनके हालात तब ज्यादा खराब हो गए जब राज्य द्वारा स्वीकृत 10 हज़ार का मासिक मानदेय आना बंद हो गया था। उन्होंने कहा कि मैं मदद के लिए सरकारी कार्यालय में भी गया और जनप्रतिनिधियों से भी मिला। सभी सकारात्मक प्रतिक्रिया दे देते हैं और कुछ करते नहीं। एक करोड रुपए के अलावा राज्य ने कलाकार को हैदराबाद के पास रंगारेड्डी जिले में 600 वर्ग गज का प्लाट देने की घोषणा की थी। जिसका अभी तक कोई भी अता-पता नहीं है।


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