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    'स्लमडॉग को अवॉर्ड न देना आसान नहीं'

    By Staff
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    इस फ़िल्म में काम करने का मेरा अनुभव ज़बरदस्त रहा है. मैने फ़िल्म में काम करने के लिए हाँ इसलिए की थी क्योंकि डैनी बॉएल इसको निर्देशित कर रहे थे.

    फ़िल्म की कहानी अपने आप में बड़ी दिलचस्प है.हालांकि ये बात और है कि जब स्लमडॉग मिलियनेयर बनकर तैयार हो गई तो उसके रिलीज़ को लेकर दिक्कत खड़ी हो गई थी. उस समय स्टूडियो को इसे रिलीज़ करने में परेशानी हो रही थी.

    नामांकन की पूरी सूची

    (भारत की ओर से एआर रहमान, गुलज़ार और रेसुल पोकुट्टी विभिन्न श्रेणियों में ऑस्कर के लिए नामांकित हुए हैं.)

    हालात इस कदर ख़राब हो गए थे कि एक समय ये फ़ैसला लिया जाने वाला था कि फ़िल्म थिएटरों में रिलीज़ ही नहीं होगी और केवल डीवीडी पर देखी जा सकेगी.

    लेकिन फिर कुछ स्टूडियो ने स्लमडॉग मिलियनेयर देखी और इसकी क्षमता को पहचाना. इन लोगों ने फ़िल्म का समर्थन किया और देखते ही देखते फ़िल्म की किस्मत बदल गई.

    यानी एक ऐसी फ़िल्म जो पहले सिर्फ़ डीवीडी पर ही रिलीज़ होने वाली थी वो इस कदर सफल हो जाती है कि इस सब पर यक़ीन कर पाना मुश्किल है.

    स्लमडॉग मिलियनेयर और भारतीय कलाकारों को लेकर मुझे ऑस्कर से बड़ी उम्मीदे हैं. मुझे दो लोगों से ख़ासी उम्मीद है-बैकग्राउंड म्यूज़िक (एआर रहमान) और साउंड इन दोनों श्रेणियों में भारत के कलाकार नामांकित हुए हैं.

    इसके अलावा मुझे लगता है कि दो अवॉर्ड और मिलेंगे स्लमडॉग मिलियनेयर को- सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक. और हाँ सर्वश्रेष्ठ रुपांतरित स्क्रीनप्ले भी.

    स्लमडॉग मिलियनेयर ये पुरस्कार जीत पाएगी इस बात की मुझे पूरी उम्मीद है. जिस तरह से इस फ़िल्म ने लोगों के दिलों को छुआ है और लोगों का मनोरंजन किया है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि इस फ़िल्म को पुरस्कार न देना बड़ा मुश्किल हो जाएगा.

    ( बीबीसी संवाददाता वंदना से बातचीत पर आधारित)

    81वां ऑस्कर समारोह 22 फ़रवरी को हॉलीवुड के कोडेक थिएटर में होगा.

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