OneIndia का सराहनीय कदम, शहर के असली हीरोज को दिखाई रजनीकांत की Coolie, दिया खास सम्मान

आज का सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अलग-अलग पहलुओं को जोड़ने और असली जिंदगी की कहानियों को आवाज देने का भी माध्यम बन चुका है। इसी सोच को साकार करते हुए वनइंडिया ने एक बेहद अनोखी पहल की है। रजनीकांत की नई फिल्म कुली की स्क्रीनिंग को खास बनाते हुए वन इंडिया ने इसे शहर के असली हीरोज यानी चेन्नई हार्बर के कुलियों को डेडिकेट किया।
इस मौके पर 100 कुलियों और 50 रीडर्स को इनवाइट किया गया। कुली, जो दिन-रात मेहनत करके शहर की जरूरतों को पूरा करते हैं, इस इवेंट में स्पेशल गेस्ट बने। वहीं, स्क्रीनिंग में मौजूद 50 रीडर्स को एक ओपन कॉन्टेस्ट के जरिए चुना गया, जिससे यह इवेंट और भी इंट्रेस्टिंग बन गया।
"From Chennai Harbour to the Big Screen"
वनइंडिया ने इस पहल को "From Chennai Harbour to the Big Screen" नाम दिया। इस कैंपेन का मकसद था फिल्मी फिक्शन और असली स्ट्रगल के बीच पुल बनाना। कुलियों की रोजाना की मेहनत, उनका स्ट्रगल और उनका धैर्य फिल्म कुली की थीम से गहराई से मेल खाता है।
यह इवेंट सिर्फ एक फिल्म दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उन लोगों को पहचान और सम्मान भी दिया गया, जिनका योगदान समाज में अनदेखा रह जाता है।
वनइंडिया का विजन - "कहानियों की ताकत"
वनइंडिया के सीईओ रावनन एन. ने इस मौके पर कहा- "वनइंडिया में हम कहानियों की ताकत पर विश्वास करते हैं। कहानियां सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी जन्म लेती हैं। कुलियों की मेहनत और संघर्ष असली भारत की तस्वीर है। इस स्क्रीनिंग के जरिए हमने सिर्फ सिनेमा को नहीं बल्कि उन अनसुने हीरोज को भी सेलिब्रेट किया, जो हर दिन चुपचाप समाज की सेवा करते हैं।"
यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वनइंडिया अपने काम में केवल खबरों और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी गंभीरता से निभाता है।
थिएटर में उमड़ा जोश और इमोशन
इस खास स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर का माहौल बिल्कुल अलग था। फिल्म के एक्शन सीन पर गूंजती तालियां, नारे और एक्साइटमेंट ने माहौल को यादगार बना दिया। वहीं, कई पल ऐसे भी आए जब कुलियों की आंखों में इमोशन और गर्व साफ झलक रहा था।
यह इवेंट साबित करता है कि सिनेमा केवल मनोरंजन ही नहीं देता, बल्कि यह समाज के उन हिस्सों को भी जोड़ता है, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है।
मनोरंजन से आगे, संवेदनशीलता की मिसाल
आमतौर पर फिल्म स्क्रीनिंग और प्रमोशन केवल बिजनेस के नजरिये से देखे जाते हैं। लेकिन वनइंडिया ने यह दिखा दिया कि ऐसे इवेंट को सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जा सकता है। यह पहल उन मेहनतकशों को सामने लाने की एक कोशिश थी, जिनकी मेहनत के बिना शहर की रफ्तार अधूरी है।
इस कार्यक्रम ने यह भी साबित किया कि मीडिया और सिनेमा मिलकर समाज में बदलाव लाने और अनदेखे हीरोज को सम्मान देने की ताकत रखते हैं।
बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही कुली
जहां एक ओर वनइंडिया की यह पहल चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर रजनीकांत की कुली बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है। यह फिल्म सबसे तेजी से ₹300 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली तमिल फिल्म बन गई है। लोकेश कनगराज के निर्देशन और रजनीकांत की दमदार एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।
वनइंडिया का यह इवेंट केवल एक फिल्म स्क्रीनिंग नहीं बल्कि समाज के लिए एक स्ट्रॉन्ग मैसेज भी था कि असली हीरोज वही हैं, जो चुपचाप मेहनत करके हमारे जीवन को आसान बनाते हैं। इस पहल ने कुलियों को सम्मान दिया, रीडर्स को जोड़ा और सिनेमा के जरिए समाज को एक नई दिशा दिखाई।


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