फिल्मों की ब्रांडिंग गलत नहीं : भंडारकर
महिला प्रधान फिल्में बनाने के लिए मशहूर निर्देशक मधुर भंडारकर का मानना है कि फिल्म ब्रांडिग (फिल्म के जरिए ब्रांड्स का प्रचार) में तब तक कोई बुराई नहीं है, जब तक कि यह किसी के सिनेमा बनाने के मकसद में बाधा नहीं बनती।
मधुर ने 'चांदनी बार', 'ट्रैफिक सिग्नल', 'पेज 3', 'कार्पोरेट', 'फैशन' और 'हीरोइन' जैसी सफल फिल्में दी हैं और अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए कई बड़े ब्रांड्स का सहारा लिया है।

फिक्की महिला संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'वुमन इन सिनेमा' के दौरान मधुर ने कहा, "अगर मैं बॉलीवुड में यह दिखा रहा हूं और यह अच्छे तरह से चल रहा है तब इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अगर यह बड़ी फिल्म है, तब इसमें कोई बुराई नहीं है और मुझे लगता है कि कोई अगर इसे अच्छे नजरिए से कर रहा है तो उसे करना चाहिए।"
भंडारकर की फिल्म 'हीरोइन' की अभिनेत्री करीना कपूर ने लक्मे सहित आठ ब्रांड्स का प्रचार किया था।
उन्होंने कहा, "ब्रांडिंग से जो हमें आय होती हैं उससे हमारी फिल्म की आधी लागत निकल जाती है। विपणन विभाग के लोग आते हैं और हमसे विज्ञापन करने के लिए कहते हैं और अगर मुझे लगता है कि यह मेरी सिनेमा बनाने की आजादी को प्रभावित नहीं करता है तब इसमें कुछ भी गलत नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications











