टीवी शो देखने के बदले सरकार ने ले ली जान, 30 स्टूडेंट्स पर सरेआम चलवाई गोली

किम जोंग उन की सरकार अपने नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए जानी जाती है। नॉर्थ कोरिया के कानून कितने सख्त है, इसके बारे में हाल ही में रूह कंपा देने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरियाई नाटक देखने के लिए 30 मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स को मौत की सज़ा दी है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शो कथित तौर पर USB पर कलेक्ट किया गया था, जिन्हें कुछ लोगों द्वारा सीमा पार करके नॉर्थ कोरिया भेजा गया था। साउथ कोरिया समाचार आउटलेट चोसुन टीवी और कोरिया जोंगआंग डेली की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले हफ्ते साउथ कोरियाई नाटक देखने के लिए लगभग 30 मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स को सार्वजनिक रूप से गोली मार दी गई थी।
साउथ कोरियाई अधिकारियों ने रिपोर्ट पर सीधे कमेंट नहीं कि, लेकिन कोरिया जोंगआंग डेली के अनुसार, दक्षिण कोरियाई यूनिफिकेशन मिनिस्ट्री के एक अनाम अधिकारी ने रिपोर्टर्स से कहा कि "यह बात सबको पता है कि नॉर्थ कोरियाई अधिकारी तीन 'बुरे' कानूनों के आधार पर निवासियों को सख्ती से कंट्रोल करते हैं और उन्हें कठोर दंड देते हैं।"
इनमें से एक नॉर्थ कोरिया का Reactionary Ideology and Culture Rejection Act है, जो लोगों को दक्षिण कोरिया, अमेरिका या जापान की मीडिया का टेलीकास्ट करने से रोकता है। यह साफ नहीं है कि ये प्रतिबंध देश में आने वाले विदेशियों पर लागू होते हैं या नहीं।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर कोरियाई लोगों को उनके दक्षिणी पड़ोसी के कंटेंट से जुड़े होने के कारण मार दिया गया हो। 2022 संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट के अनुसार, कांगवोन प्रांत में एक व्यक्ति को सार्वजनिक फायरिंग दस्ते द्वारा मार दिया गया था, उस शख्स का कसूर सिर्फ इतना था कि वो साउथ कोरियन फिल्मों और टीवी शोज को USB में बेच रहा था।


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