पाकिस्तान: ईद के मौके पर रिलीज नहीं होगी बॉलीवुड फिल्म

सांस्कृतिक मामलों के संघीय मंत्री पीर आफताब शाह जिलानी का कहना है कि स्थानीय फिल्मोद्योग की मदद करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा, "यदि ज्यादा पाकिस्तानी फिल्में प्रदर्शित होती हैं तो पाकिस्तान के फिल्म उद्योग के लिए पाकिस्तान में अपना अस्तित्व बनाए रखना संभव हो सकेगा।"
पढ़ें बॉलीवुड की चटपटी खबरें
रमजान में सांस्कृतिक गतिविधियों में कमी के बाद ईद को फिल्मों के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। साल 1965 में दोनों देशों के बीच युद्ध होने के बाद पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लग गया था।
करीब 40 साल के अंतराल के बाद पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की सरकार ने सेंसर बोर्ड की अनुमति से भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन की अनुमति दी थी।
पाकिस्तान में बॉलीवुड प्रशंसकों की संख्या बहुत ज्यादा है और यहां के स्थानीय बाजारों में हिंदी फिल्मों की पाइरेटेड प्रतियां आसानी से मिल जाती हैं।
स्थानीय फिल्मोद्योग में गिरावट के बाद सरकार ने बाहर की फिल्मों को प्रदर्शन की इजाजत दी थी। वैसे स्थानीय फिल्म निर्माता और कलाकार इस फैसले के पक्ष में नहीं थे।
वे बॉलीवुड फिल्मों से प्रतियोगिता को पाकिस्तान फिल्मोद्योग के लिए नकारात्मक मानते थे और स्थानीय सिनेमाघरों में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की वकालत करते थे।
यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए फिल्मकार संगीता, मुस्तफा कुरैशी और कई अन्य कलाकारों ने ईद के अवसर पर भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर लगी रोक को सही ठहराया।
उन्होंने बताया कि ईद के अवसर पर पांच पाकिस्तानी फिल्में प्रदर्शन के लिए तैयार है। वैसे सिनेमाघरों के मालिक इस फैसले के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हिंदी फिल्में राजस्व का बड़ा स्रोत हैं।


Click it and Unblock the Notifications











