निरहुआ चले हिन्दी की राह

फिलहाल भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार कहे जानेवाले दिनेशलाल यादव 'निरहुआ" ने हाल ही में अपने नए और पहले हिन्दी एल्बम 'हे अम्बे तेरा प्यार चाहिए" के माध्यम से हिन्दी तथा गैर हिन्दी श्रोताओं को लुभाने की कोशिश की है।
हिन्दी फिल्मों में एक्टिंग को लेकर 'निरहुआ" काफी गंभीर हैं मगर वह इस तरह के किरदार नहीं निभाना चाहते जिससे उनके भोजपुरी स्टारडम को धक्का लगे।
'वेलकम टू सज्जनपुर" में उन्हें अपने प्रतिद्वंदी रवि किशन का काम बहुत अच्छा लगा मगर उनका मानना है कि वह स्वयं ऐसे किरदारों से परहेज़ करते हैं।
एक्टर के अलावा सिंगर 'निरहुआ" खुद के गीतों में मिट्टी की महक और परंपरा की सुगंध को महसूस करते हैं। उनका मानना है कि यही वजह है कि नॉन हिन्दी श्रोता भी उनके गीतों को पसंद करते हैं।
इस एल्बम में उनके भाई प्रवेशलाल यादव के भी गाए कुछ गीत हैं। टी सीरीज़ के लिए अब तक कई भोजपुरी एल्बम निकाल चुके 'निरहुआ" का यह पहला हिन्दी एल्बम है।
'निरहुआ एंटरटेन्मेंट" के ज़रिए भोजपुरी दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए वह कुछ ऐसी फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं जिनमें उनके गीतों की तरह अपने गांव की मिट्टी और परंपरा की महक हो।
सिर्फ यही नहीं आगे चलकर वह 'निरहुआ म्यूज़िक" के माध्यम से एक नया किर्तीमान स्थापित करना चाहते हैं। एक साल में चार सुपरहिट फिल्में देनेवाले 'निरहुआ" की आगामी फिल्म 'नरसंहार" है जिसमें वह एक अलग रूप में नज़र आनेवाले हैं।
उत्तर भारतीय समाज में आए दिन हो रहे नरसंहार की यह वास्तविक घटना पर आधारित है। दर्शकों के साथ साथ खुद 'निरहुआ" को अपनी इस फिल्म का इंतज़ार है।


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