कभी-कभी बिना सोचे-समझे खाना भी अच्छा है

By Jaya Nigam
कभी-कभी बिना सोचे-समझे खाना भी अच्छा है

नील नितिन मुकेश को फ़िल्म 'सात ख़ून माफ़' के लिए वज़न बढ़ाना पड़ा था.

हमेशा अच्छा दिखने के लिए फ़िल्मी सितारों को अपने खान-पान पर बहुत ध्यान देना पड़ता है. ऐसे में जब कभी उन्हें बिना रोक-टोक खाने का मौका मिलता है तो वो उसका पूरा आनंद लेते हैं.

अभिनेता नील नितिन मुकेश को भी कुछ समय पहला ऐसा मौका मिला.

निर्देशक विशाल भारद्वाज की फ़िल्म ‘सात ख़ून माफ़’ के लिए नील को वज़ना बढ़ाना था. हालांकि वो ऐसा नहीं करना चाहते थे लेकिन नील कहते हैं कि किरदार ऐसा था जिसके लिए कोई भी कलाकार ना नहीं कह सकता था. इसलिए उन्होंने अपना वज़न बढ़ाया.

नील ने न सिर्फ़ अपना वज़न ही बढ़ाया बल्कि उन्होंने इसका पूरा मज़ा भी लिया. वो कहते हैं, “वज़न बढ़ाना मुश्किल नहीं था. क्योंकि कभी-कभी जब आपको खाने से पहले सोचना नहीं पड़ता तो अच्छा लगता है.”

ये राज़ नील ने हाल ही में एक फ़िटनेस स्टूडियो के उद्घाटन के मौके पर खोला.

‘सात ख़ून माफ़’ अंग्रेज़ी के जाने-माने लेखक रस्किन बॉन्ड की एक कहानी पर आधारित है.

अपने किरदार के बारे में नील ने बताया, “फ़िल्म में मेरा किरदार बहुत अलग है और इसे निभाना बहुत मुश्किल था. ये पहली बार है जब मैंने ऐसा किरदार करने की कोशिश की है और मैं उम्मीद कर रहा हूं कि लोगों को ये पसंद आएगा.”

नील नितिन मुकेश की फ़िल्म ‘तेरा क्या होगा जॉनी’ 17 दिसम्बर को रिलीज़ हो रही है. सुधीर मिश्रा द्वारा निर्देशित ये फ़िल्म कुछ कारणों से काफ़ी समय से डिब्बे में बंद थी.

नील ख़ुश हैं कि लंबे समय बाद ही सही, उनकी फ़िल्म आखिरकार सिनेमाघरों में पहुंच तो रही है. वो कहते हैं, “मुझे तो इस बात की ज़्यादा ख़ुशी है कि कम-से-कम अब तक मेरी कोई फ़िल्म डिब्बे में ही बंद नहीं रह गई.”

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